अपना जिला

निज भाषा उन्नति अहै, सब उनत्ति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल

आजमगढ़। फाइनआर्टसेंटर पिछले कई वर्षो से मातृभाषा हिंदी के सम्मान में अपनी कलात्मक प्रस्तुति देता रहा है। इस वर्ष हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर वर्णांकन तीन दिवसीय वर्कशॉप 11 से 13 सितम्बर आयोजित की गई जिसमें सेंटर के 36 कलाकारों ने एप्रन में रंग भरे। प्रदर्शनी में हिंदी वर्णमाला के क,ख, ग से क्ष, त्र, ज्ञ तक हर वर्ण से एप्रन में चित्रकारी की गई है। हिंदी वर्णमाला के वर्ण क से किताब, ख से खरगोश, ग से गमला घ से घड़ी से लेकर क्ष से क्षमा-प्रार्थना, त्र से त्रिशूल व ज्ञ से ज्ञान-वृक्ष तक वर्णों के आधार पर एप्रन में अंकन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया। कलाकार व गृहिणी दोनों के लिए उपयोगी एप्रन #आत्मनिर्भरभारत के तत्वावधान में #रोजगारोन्मुख कदम है इन कलाकार बेटियों का ।अगर कोई एप्रन पसन्द आए तो आप खरीद सकते हैं।फाइन आर्ट सेंटर की निदेशक डॉ लीना मिश्रा ने बताया कि 14 सितम्बर को मनाए जाने वाले हिंदी दिवस को प्रत्येक वर्ष सेंटर के कलाकार हमेशा अभिनव प्रयोग करते हैं।अपनी मातृभाषा हिंदी के सम्मान में कलाकारों की एक सन्देशात्मक प्रस्तुति होती है। इससे पहले भी वर्णो के आधार पर छाते में पेंटिंग वर्णाकृति, व्यक्ति चित्रण व्यक्तित्व, हिंदी साहित्य की पुस्तकों के मुख्यपृष्ठ ,कैनवास बैग में चित्रकारी थैलांकन ,अक्षर रंग-बिरंगे इत्यादि कार्यक्रम किए गए हैं जिनका उद्देश्य नई पीढ़ी को रोचक तरीके से ही दी वर्णमाला से अवगत कराना भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *