बैंकाक कामनवेल्थ वोकेशनल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट मानद की उपाधि मिलने पर आनंदेश्वर पांडेय का मऊ में स्वागत

मऊ। भीमराव अंबेडकर स्टेडियम मऊ के प्रांगण में खेलों के लिए समर्पित आनंदेश्वर पांडेय को शारीरिक शिक्षा में विदेश के यूनिवर्सिटी द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि दिए जाने पर मऊ जनपद के खेल प्रेमियों ने श्री पाण्डेय का स्वागत एवं अभिनन्दन रविवार को फूल, माला व बूके के साथ किया। बैंकॉक स्थित कामनवेल्थ वोकेशनल यूनिवर्सिटी से मानद उपाधि दिए जाने पर ओलंपिक संघ के लोगों ने कहा कि यह हम लोगों के लिए गौरव की बात है कि हमारे पूर्वांचल का मान सम्मान बढ़ा। अपने स्वागत सत्कार के मौके भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन, कॉमन वेल्थ गेम भारत के कोषाध्यक्ष, सदस्य स्टैंडिंग कमेटी खेल-जगत एवं एशिया ओलंपिक कमेटी के सदस्य सहित कई खेल संगठनों पर पदासीन तथा मूल रूप से कुशीनगर के निवासी आनंदेश्वर पांडेय ने कहा कि किसी खिलाड़ी को कोरोना वायरस नहीं होगा और ना ही भारतीय खिलाड़ी इससे प्रभावित होंगे। क्योंकि उनमें इम्यूनिटी पावर बहुत अच्छी होती है। कहा कि वर्ष 2021 में होने वाले ओलंपिक खेलों का शेड्यूल बन चुका है इसमें फेरबदल संभव नहीं है। अगर किसी प्रकार का बदलाव हुआ तो ओलंपिक खेल नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद खेलों का दौर शुरू होता है। खिलाड़ी को खेल में सीखने का अच्छा अवसर होता है। कहा कि भारतीय खिलाड़ी अपने खेल के कौशल का लोहा जरूर दिखलाएंगे। कहा कि अगर ओलम्पिक खेल टला तो विश्व स्तर पर आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
कहा कि खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से ओलंपिक खेल की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए 2 माह का समय भी पर्याप्त है। ऐसे में खिलाड़ी अपनी तैयारी कर सकते हैं। 2021 के जुलाई में होने वाले ओलंपिक खेल के तैयारी में भारतीय खिलाड़ियों के लिए यहां के जलवायु का बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा।
श्री पांडेय ने कहा कि खेल के प्रति सोच को परिवर्तित करने की जरूरत है क्योंकि खेल को सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि समाज की जरूरत है। खेल से हम ना सिर्फ स्वस्थ रहते हैं बल्कि इससे हमारे शारीरिक क्षमता का विकास भी होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने दैनिक बजट की सूची में खेल के बजट को भी शामिल करना चाहिए। भले ही वह बजट घरेलू खेल के हिसाब से ही क्यों ना हो । कहा कि नाग पंचमी पर हम लोग खेलों में भाग लेकर अपने शारीरिक क्षमता का मूल्यांकन करते थे लेकिन अब सब कुछ पश्चिमी सभ्यता के भेंट चढ़ गया है, जो एक परिवार, शरीर और व्यक्ति के लिए ठीक नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते अंशकालिक खेल प्रशिक्षकों के सामने जो आर्थिक संकट का समस्या आया है यह काफी गंभीर मुद्दा है। इस मामले में वे खेल निदेशक आरपी सिंह से बात किए हैं उन्होंने जुलाई में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।

इस अवसर पर भीमराव अंबेडकर स्टेडियम के उप क्रीड़ा अधिकारी मुकेश सबरवाल, हाकी संघ के संयुक्त सचिव ओमेंद्र सिंह ने कहा कि शारीरिक शिक्षा में पूरी तरह क्षमता हासिल बनने वाले आनंदेश्वर पांडेय के हौसले अभी ऊंचाइयां देने की जरूरत है। इस कार्यक्रम के मौके पर संजय सिंह, आनन्द कुमार सिंह, प्रवीण सिंह, राजीव जायसवाल, रंजन श्रीवास्तव, विनय सिंह, सभासद धीरज राजभर आदि लोग उपस्थित रहे।

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