चर्चा में

मऊ के वार्ड नं. 32 में भाजपा के 3+2 चेहरे की प्रतिष्ठा दांव पर

@ आनन्द कुमार…

मऊ। नगर निकाय चुनाव अपने अंतिम चरण के पूरे शबाब में है। ऐसे में नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन के अध्यक्ष पद पर भाजपा, बसपा, सपा व अन्य प्रत्याशियों के जीत के साथ-साथ कई वार्डों के सभासद प्रत्याशियों की जीत हार काफ़ी मायने रखती है। ऐसे में वार्ड नंबर 32 सहादतपुरा पश्चिमी के अंदर और बाहरी हिस्से में भाजपा के जनपद व नगर के कई बड़े सूरमाओं के रहने से वार्ड से भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए कई चेहरे के प्रतिष्ठा दाँव पर है। ऐसे में इन चेहरों की जीत दिलाने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है जब उनके राजनैतिक महत्वाकांक्षा के साथ-साथ देश और प्रदेश में खुद उनकी ही पार्टी की सरकार सत्तारूढ़ हो। ऐसे में नगर की इस छोटी सी सीट की, हार जीत का महत्व और बढ़ जाता है।
नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन की सहादतपुरा वार्ड नंबर 32 का मुक़ाबला रोचक, रोमांचकारी और काफी दिलचस्प है। क्योंकि भाजपा के कई बड़े ऐसे चेहरे, यहां वार्ड के मूल निवासी हैं या तो इसी मुहल्ले से उनकी राजनीति की क, ख, ग की शुरुआत होती है। या कह लीजिए इसी वार्ड में उनकी राजनीति की पाठशाला चलती है।
ऐसे में मऊ की राजनीति में बड़ा सा किरदार निभाने का सपना संजोने वाले, या वर्तमान में राजनीति की महत्वपूर्ण कड़ी बनने वालों के लिए सहादतपुरा वार्ड नं 32 में भाजपा का परचम फहराने व कमल खिलाने की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी हुई है। अगर भाजपा यहाँ जीतती है तो सब की बल्ले-बल्ले हैं और अगर हारती है तो इतने बड़े बड़े सूरमाओं के बीच में भाजपा की हार काफ़ी बड़ी हार मानी जाएगी! और इस हार की जिम्मेदारी कौन लेगा!
ऐसे में सूत्रों की माने तो भाजपा के युवा कार्यकर्ता पंकज राजभर की माता पूर्व सभासद विमला राजभर को टिकट दिलाने में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर तो सफल रहे। अब इस सीट पर भाजपा का परचम फहराने व भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी 3+2 नेताओं की काफी बढ़ जाती है। आपको बताते चलें कि इसी वार्ड के निवासी जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, घोसी के पूर्व विधायक विजय राजभर, भाजपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अशोक सिंह, सहादतपुरा वार्ड के सीमांकन के वार्डर पर रहने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता, इसी वार्ड से अपने व्यवसायिक स्थल से अपनी राजनीति का चौधराहट करने वाले नगर पालिका परिषद मऊ के भाजपा के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी संजीव जायसवाल डिम्पल सहित बहुतेरे चेहरे रहते हैं। ऐसे में यह बात अंदरखाने लोगों के बीच जुबानी चर्चा बनी हुई है कि भाजपा में इतने महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभा रहे या निभा चुके 3+2 राजनीति के सूरमा क्या 32 नंबर वार्ड सहादतपुरा से विमला राजभर को सभासद बनाकर यह संदेश अपने पार्टी में ऊपर तक भिजवा पाएंगे कि हम जीत का दम रखते हैं। या उनको निवर्तमान सभासद धीरज राजभर की पत्नी चुनाव चिन्ह डमरू की बदौलत सबकी डुगडुगी बजा देंगी या फिर युवा नेता विष्णु राजभर पुराने वादे को निभाने का वादा कर न निभाने वाले के लिए जीत का नासूर बन रहे हैं और निर्दल प्रत्याशी अपनी पत्नी शालिनी के साथ चुनाव चिन्ह त्रिशूल लेकर पूरे वार्ड में राजनैतिक तांडव (नृत्य) कर खलबली मचाए हुए हैं। इसी बीच सपा महिला प्रकोष्ठ की पूर्व जिलाध्यक्ष, सपा नेत्री शोभा श्रीवास्तव साइकिल निशान के साथ लोगों के बीच खुब दौड़ तो रहीं हैं लेकिन नुकसान सीधे तौर पर भाजपा का कर रही हैं। उनके साथ ही चुनाव चिन्ह कुर्सी से आरती (शंभू राजभर) और चुनाव चिन्ह उगता हुआ सूरज से प्रवीण सिंह की माता व निर्दल प्रत्याशी श्रीमती चिन्ता सिंह सभी प्रत्याशियों की चिन्ता बढ़ा दी हैं। ऐसे में वार्ड नंबर 32 में कुल 06 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां लड़ाई त्रिकोणीय बताई जा रही है। भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, पूर्व विधायक विजय राजभर, सदर के पूर्व प्रत्याशी अशोक सिंह, नपा के पूर्व प्रत्याशी संजीव जायसवाल डिम्पल व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता ने इस सीट पर ध्यान नहीं दिया तो इन चेहरों के साथ साथ भाजपा की किरकिरी होनी तय है और बड़ा नेता होने के साथ छोटे से चुनाव में उनकी कार्यशैली व योग्यता का दंभ टूटेगा सो अलग।

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