पुरुषों में पुरुषोत्तम
मेरी कलम से…….
अखिलानंद यादव
⚪निम्न करे ना कोई काम ,
मध्यम करे मुश्किल में आराम ।
उत्तम जो सर्वोत्तम है ,
पुरुष नहीं पुरुषोत्तम है।।
⚪मुश्किल पर जो निगाह डाले,
नजर ना आए पांव के छाले ।
हर कदम मंजिल कि ओर ,
काटो पर भी पग ना डोले ।।
⚪उद्देश्यों को वो प्राप्त करे ,
भेदभाव भी समाप्त करे ।
रक्षा कर गरीबों का,
सच में वो परमार्थ करे।।
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(युवा रचनाकार रतनपुरा जनपद मऊ के निवासी हैं)

