संदिग्ध परिस्थिति में विवाहिता ने खुद को लगाई आग, मौत
बिल्थरारोड/ बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के असरेपुर गांव, पिपरौली बड़ागांव में एक नव-विवाहिता ने रविवार की भोर में अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली। उसकी चीख पुकार सुन आसपास के लोगों ने किसी प्रकार आग पर काबू पाकर गंभीर रूप से झुलसी महिला को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व पुलिस की मदद से सीएचसी सीयर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसकी प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान अस्पताल पहुंचे तहसीलदार ने विवाहिता का बयान भी लिया। उक्त महिला का पिछले जून में ही उभांव थाना परिसर स्थित मंदिर में ही प्रेम विवाह कराया गया था। घटना के बाद उसका पति वहां से फरार हो गया था। जीवन और मौत से जूझ रही विवाहिता की सोमवार की देर सायं मौत हो गयी।
रसड़ा थाना क्षेत्र के मंदा गांव निवासी लल्लन चौहान की पुत्री शशिकला 20 वर्ष पिछले 3 दिसम्बर 17 को अपने माता की फूफेरी बहन चिंता पुत्री श्यामसुन्दर की शादी में असरेपुर गांव आयी थी। मौसी की शादी के बाद वह खाना आदि बनाने के लिए वहीं रहने लगी थी। इसी दौरान गांव के ही एक युवक जयप्रकाश पुत्र रामकुमार चौहान से उसकी आंखे चार हो गयी। दोनो ने साथ-साथ जीने मरने की कसमे तक खा ली। जयप्रकाश के घर वालों को उसकी यह हरकत नागवार गुजरता था। धीरे-धीरे प्यार इतना परवान चढ़ा की गांव में यह चर्चा का विषय बन गया। आखिर आसपा के कुछ लोगो के हस्तक्षेप से पिछले जून माह में उभांव थाना प्रांगण में स्थित मां दुर्गा के मंदिर में दोनो प्रेमी जोड़ों की शादी करा दी गयी। शादी के बाद भी जयप्रकाश के परिवार वाले इसे स्वीकार नही कर सके थे। इस शादी का उस समय लड़के की मां ने बड़ा विरोध किया था। बताया जाता है कि शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा सूरत चला गया। काफी दिनो बाद वे पिछले रविवार की शाम असरेपुर स्थित अपने घर पहुंचे थे। बताया जाता है कि इस दौरान भी किसी बात को लेकर परिजनो से उसकी कहा-सुनी भी हुई। जयप्रकाश की मां के अनुसार वे रविवार की रात घर के बरामदे में ही सो गये थे। सोमवार की भोर में अचानक शशिकला जलते हुए घर के बाहर निकली। उसकी बचाओ-बचाओ की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों ने कम्बल आदि से आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान लोगों ने 100 नम्बर डायल पुलिस व एम्बुलेंस को फोन कर दिया। पुलिस व एम्बुलेंस के साथ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान भी घटना स्थल पहुंच गये। उन्होने गंभीर रूप से झुलसी विवाहिता को सीएचसी सीयर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। विवाहिता का इलाज करने वाले चिकित्सक डा0 एलसी शर्मा का कहना था कि शशिकला 95 फीसदी तक झुलस चुकी है । सोमवार की देर शाम जिला अस्पताल में इलाज के दौरान विवाहिता ने दम तोड़ दिया।
पुलिसकर्मी को एम्बुलेंस के साथ भेजे जाने की मांग को लेकर एमबुलेंस चालक व नायब दरोगा में हुई बहस…
बिल्थरारोड। सीएचसी सीयर से रेफर किये जाने के बाद एम्बुलेंस चालक ने वहां मौजूद उभांव के नायब दरोगा अखिलेश मौर्या से एक सिपाही को भी साथ में बलिया भेजने को कहा। उसकी बात पर नायब दरोगा ने उसे बलिया में उसे पुलिस उपलब्ध करा देने की बात कही। इस बीच लखनऊ से संपर्क करने के बाद चालक ने फिर एक सिपाही को मरीज के साथ ही बलिया भेजने की बात कही गयी। परन्तु एसआई अखिलेश मौर्या द्वारा एम्बुलेस के साथ कोई सिपाही न भेज एक बार फिर बलिया में ही सिपाही उपलब्ध कराये जाने की बात कहे जाने पर चालक ने एम्बुलेंस आगे ले जाने से रोक दिया। इसको लेकर चालक से पुलिस की कुछ देर तक कहा-सुनी होती रही। अंत में चालक बिना किसी पुलिसकर्मी के ही मरीज के साथ बलिया रवाना हो गया। इस बीच चालक न अस्पताल के दो स्टाफ को भी मरीज को उतारने-चढ़ाने के लिए मांग की गयी। परन्तु उसकी इस दलील को भी अस्पताल ने खारिज कर दिया। चालक का कहना था कि किसी भी अस्पताल पर पहुंचने पर वहां का कोई कर्मचारी मरीज को उतारने मं मदद नही पहुंचता है।
मानवता भी हुई शर्मसार…
बिल्थरारोड। असरेपुर गांव में गंभीर रूप झुलसी महिला सड़क पर पड़ी तड़प रही थी। इसी दौरान वहां पहुंची एमबुलेंस पर जब उसे लादने की बारी आयी तो वहां कोई ग्रामीण उसे छूने तक को तैयार नही हुआ तथा इससे कन्नी काट ली। पुलिस के काफी कहने सुनने के बाद भी ग्रामीण उक्त झुलसी विवाहिता को एम्बुलेंस में चढ़ाने के लिए आगे नही आये। अंत में पुलिस व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान ने उक्त महिला को एम्बुलेंस पर लदवा कर सीएचसी सीयर पंहुचाया।

