झोला छाप चिकित्सकों द्वारा संचालित अवैध नर्सिंग होम पर प्रशासन की नजर नही!
● प्रत्येक सप्ताह झोला छाप चिकित्सकों के आपरेशन से जाती है जच्चे-बच्चे की जान
● सीएचसी सीयर के अधीक्षक ने भी लिखा है उच्चाधिकारियों को कार्यवाही के लिए
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड/ बलिया। नगर व क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम का संचालन धड़ल्ले से जारी है। इन अवैध नर्सिंग होम का फलने-फूलने में आशाओं का भी बड़ा योगदान है। इन नर्सिंग होम में झोला छाप चिकित्सकों द्वारा मरीजों का आरेशन तक बिना रोक टोक किया जा रहा है। इनके चंगुल में फंसकर अब तक कई प्रसूता महिलाओं व नवजातों की जान जा चुकी है। पन्नालाल कटरा स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में सोमवार की रात एक प्रसूता के आपरेशन में भी उसके नवजात को बचाया नही जा सका। अवैध रूप से चल रहे इस नर्सिंग होम के खिलाफ कार्यवाही के लिए सीएचसी अधीक्षक डा0 जीपी चौधरी ने भी सीएमओ व उपजिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
बिल्थरारोड नगर में अवैध नर्सिग होम का चलना धड़ल्ले से जारी हैं। इन अवैध नर्सिंग होम को तथाकथित आशा बहुओं का भी संरक्षण प्राप्त है। महिला चिकित्सालय हो या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीयर इसमें कार्य करने वाली अधिकांश आशा बहुओं द्वारा कमीशन के लिए अस्पताल में इलाज के लिए आयी प्रसूता को रेफर करवा कर इन नर्सिग होम तक पहुंचाना आम हो गया है। चर्चा यह है कि नगर में संचालित अवैध नर्सिग होम द्वारा एक आरेशन पर 5 हजार रूपये तक कमीशन आशा बहुओं को दी जा रही है। बताया जाता है कि सोमवार को सोनाडीह गांव की एक प्रसूता रिंकी 21 वर्ष पत्नी मनीष अपने इलाज के लिए आशा बहु संध्या के माध्यम से सीएचसी सीयर पहुंची। इस दौरान अस्पताल में मौजूद महिला चिकित्सक डा0 पूजा सिंह की देखरे में उसका इलाज शुरू किया। बताया जाता है कि अपराह्न 4 बजे तक चिकित्सक द्वारा प्रसूता की स्थिति नार्मल बतायी गयी थी अचानक रात 10 बजे महिला की स्थिति खराब होने पर डा0 पूजा द्वारा मरीज का आपरेशन आवश्यक बताते हुए उसे किसी निजी चिकित्सालय में ले जाने को कहा गया। चिकित्सक के कहने के बाद प्रसूता को अस्पताल ले जाने वाली आशा बहु द्वारा उसे नगर के पन्नालाल कटरा स्थित चल रहे एक अवैध नर्सिंग होम में ले जाया गया। जहां सर्जन के ही उसका आपरेशन कर दिया गया। आपरेशन में जच्चा तो बच गयी पर बच्चे को नही बचाया जा सका। अवैध नर्सिंग होम की बावत पूछे जाने पर सीएचसी अधीक्षक डा0 जीपी चौधरी ने बताया कि उनके भी संज्ञान में उक्त नर्सिंग होम की बावत जानकारी मिली है तथा उन्होने उस पर कार्यवाही के लिए सीएमओ व उपजिलाधिकारी को पत्र भेजा है। देखना है अस्पताल के अधीक्षक द्वारा लिखे पत्र पर बिल्थरारोड में चल रहे इन अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कोई कार्यवाही होती है या ग्रामीण भोली-भाली जनात आशा बहुओं के जाल में फंसकर ऐसे अवैध नर्सिंग होम में अपनी जान गंवाने को मजबूर रहते हैं।

