वाह रे पुलिस : भाजपा नेता को हवालात में किया बंद, फिर छोड़ा
बलिया। बागी बलिया की धरती पर पुलिस ने आज वह कारनामा किया जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है। वैसे तो पुलिस के इस कृत्य से योगी सरकार व उसकी पुलिसिया व्यवस्था पर ही सवाल उठ रहा है लेकिन जो घटना घटी उसकी हर ओर बलिया की सड़को पर पक्ष-विपक्ष दोनों में निन्दा की जा रही है। पुलिस ने अपना गलत व निन्दनीय कारनामा तो कर दिया लेकिन उस घटना के बाद अंदर ही अंदर हर ओर से पुलिस व सरकार के खिलाफ मुखर विरोध हो रहा है।
सोमवार को यूपी की भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री योगी की पुलिस ने जो किया उसे सुन आप भी दंग रह जाएंगे। जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी में तीन पीढ़ियों से झंडा बुलन्द करने बाले एक भाजपा के वरिष्ठ नेता जी को बलिया जनपद की बांसडीह रोड थाना के एसओ ने छोटी सी बात पर बदतमीजी के साथ पेश आते हुए हवालात में डाल दिया। इसकी खबर जैसे ही लोगों को लगी लोग दांतों तले उंगली दबा कहने लगे कि अरे यह पुलिस को क्या हो गया।
एसओ ने बिना कोई बड़ा मामलात के भाजपा नेता को बदतमीजी के साथ अंदर तो बंद ही किया, जब लोगों को इसकी भनक लगी और बड़े नेताओं ने इसमें दखल दिया, तब पुलिस को लगा कि साधारण सा दिखने बाला यह आदमी असाधारण महत्व रखता है और पुलिस ने उन्हें छोड़ा। देखते ही देखते नेता जी का हवालात में बंद का फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगा। नेता जी के कद का महत्व सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बलिया में आए और भाषण दे रहे थे तो उनके ठीक पीछे नेताजी भाजपा के मजबूत सिपाही की तरह अपने नेता की अगवानी कर रहे थे।
पूरा समय भाजपा में खपाने वाले परिवार के एक वरिष्ठ भाजपा नेता को, जिन्होंने 35 साल पहले 1982 में इसका झंडा उठाया था, पार्टी के कई बड़े पदों पर रहकर बड़ी जिम्मेदारी से काम किया। इतना ही नहीं वे भाजपा में प्रदेश परिषद के सदस्य भी हैं।
पुलिस के इस व्यवहार के बाद वे अपमान का घूंट पी कर रह गये। उसके बावजूद भी इतना बड़ा घटना के बाद वे थानाध्यक्ष के खिलाफ कोई लिखित तहरीर नहीं दिये कि पार्टी की ही बदनामी होगी। खैर सोशल मीडिया के युग अब छिपता क्या है। भाजपा में अपने 35 साल की सेवा देने बाले इस शख्सियत ने अन्ततः अपने साथ हुए व्यवहार को भले ही लिखित शिकायत नहीं किया है। लेकिन भाजपा का नाम बदनाम न हो उनकी चुप्पी भले ही कुछ न कहे, सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार व उसकी पुलिस को लोग खूब कोस रहे हैं। लोग यहां तक कह रहे हैं कि इस सरकार को लाने के लिए पिछले 14 वर्षों में भाजपा के जिन कार्यकर्ताओं ने तिल-तिलकर अपनी कुर्बानियां दी। वो खुद को असहाय व ठगा महसूस कर रहा है। ऐसे में योगी सरकार को चेतना होगा कि उनकी पुलिस जब बिना गलती के उनके ही कार्यकर्ताओं के साथ बद्तमीजी कर रही तो आम जन के साथ क्या करती होगी।

