धर्म- कथा का श्रवण हर मनुष्य को करना चाहिए : शान्तनु जी महराज
घोसी /मऊ। धर्म चेतना समिति घोसी के तत्वावधान में घोसी नगर के बड़ागांव स्थित जेपी उद्यान के परिसर में मानस नावन्ह परायण पाठ एवं प्रवचन का शुभारंभ मंगलवार की सुबह पूजन, हवन एवं सायं काल संगीतमय प्रवचन के साथ हुआ।
प्रख्यात प्रवचनकर्ता श्रीश्री शांतनु जी महाराज ने अपने संगीतमय प्रवचन में कहा कि श्री राम की कथा का श्रवण हर मनुष्य को करना चाहिए क्योंकि राम कथा सुनने से मन,वचन एवं कर्म से किये गये सब पाप मिट जाते हैं। उन्होंने संगीतमय प्रवचन में रामचरित मानस की महिमा का महत्त्व बताया। केवल राम नाम की जाप से ही मानव का उद्धार हो जायेगा। रामचरित मानस की कथा अमृत है अर्थात आज भी रामायण की प्रासंगिकता उतनी ही है जीतनी द्वापर युग में थी ।रामचरित मानस में समस्त शास्त्रों का सार समाहित है। मनुष्य को चाहे कितनी भी पद एवं प्रतिष्ठा क्यों न मिल जाये जब तक प्रभु की कृपा न मिले तब तक सब व्यर्थ है। इसलिए अपने जीवन का कुछ समय अपने प्रभु के लिए मनुष्य को जरूर लगाना चाहिए। कथा सुनने के बाद प्रभु को याद करते हुए अपने जीवन में भी उतारिये। इस प्रवचन में बासुरी वादक सुनील की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। जबकि गायन का कार्य अजय मिश्रा, तबला वादक का कार्य भीम सेन, वायलिन का कार्य सुरेश एवं कोरस का कार्य अंकित व शर्वेश ने निभाया।

