उ.प्र. राज्य एड्स नियन्त्रण सोसाइटी लखनऊ द्वारा कार्यशाला का आयोजन
मऊ। मेनस्ट्रीमिंग के अन्तर्गत शिक्षा विभाग के अधिकारी, अध्यापक, कर्मचारियों एवं डायट पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओ की उन्मुखीकरण कार्यशाला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र मऊ के सभागार में आयोजित किया गया। उक्त कार्यशाला उ0प्र0 राज्य एड्स नियन्त्रण सोसाइटी लखनऊ द्वारा प्रायोजित व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0सतीश चन्द्र सिंह के दिशा निर्देशानुसार आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक डा0 वी0पी0 सिंह ने किया। अध्यक्षता प्राचार्य डायट डा0राजीव रंजन मिश्र ने किया। कार्यशाला मे प्रोजेक्टर द्वारा प्रेजन्टेशन के माध्यम से शिक्षा विभाग से एच0आई0वी0/एड्स विषय पर अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला गया साथ ही एच0आई0वी0 पाजिटिव व्यक्तियों के प्रति हो रहे भेद-भाव से वंचित रहने की सलाह दी गयी। उपस्थित जन समूहों को प्रशिक्षक सन्तोष दूबे ने बताया कि एच0आई0वी0/एड्स चार कारणो से होता है प्रथम संक्रमित व्यक्तियों के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्धो से, निडील एवं सिरीज के साझा प्रयोग से,बिना जॉचा परखा रक्त उत्पाद के प्रयोग से एवं संक्रमित माता के गर्भ में पल रहे बच्चे को। संक्रमित माता के गर्भ में पल रहे बच्चें को 99ः बच्चे को बचाया जा सकता है। बशर्ते उसके बच्चे का जन्म प्रशिक्षित डाक्टर की देख-रेख में किया जाये एवं 18 माह तक बराबर उसका फालोअप किया जाये। कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारी बृजेश सिंह,जयन्ती सिंह,बृजेन्द्र प्रताप सिंह,अरविन्द पाण्डेय के अतिरिक्त अन्य महिला एवं पुरूष डायट प्रवक्ता भी उपस्थित रहे।
अन्त में जिला विधालय निरीक्षक ने आये आगन्तुको का धन्यवाद दिया एवं भविष्य में भी पुनः ऐसी कार्यशाला आयोजित किये जाने का सहयोग का आश्वासन भी दिया।जिला कार्यक्रम प्रबन्धक जिला एड्स रोकथाम एवं नियन्त्रण इकाई (डैप्क्यू) मऊ ने बताया कि दिनांक 19मार्च से चलने वाली उन्मुखीकरण कार्यशाला का आज अन्तिम बैच का प्रशिक्षण समाप्त हुआ जो पंचायतीराज,रेलवे,श्रम विभाग,स्वास्थ्य विभाग, आई0सी0डी0एस0, पुलिस विभाग, जिला कारागार के लगभग 500 से अधिक लोगो का उन्मुखीकरण किया गया।
