संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल, एक लाख स्कूल जोड़ने का लक्ष्य: स्वामी रामदेव
मऊ के लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल सिकटिया में आयोजित शिक्षा संवाद कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को राजनीतिक आज़ादी मिले दशकों बीत चुके हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में अब भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें आधुनिक विषयों के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संस्कार और भारतीय परंपराओं को समान महत्व दिया जाएगा। उनका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे जीवनोपयोगी और संस्कारयुक्त बनाना है।
स्वामी रामदेव ने बताया कि अब तक बड़ी संख्या में विद्यालय इस बोर्ड से जुड़ चुके हैं और हजारों आवेदन प्रक्रिया में हैं। उन्होंने भविष्य में एक लाख विद्यालयों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उनका कहना था कि इस शिक्षा पद्धति से पढ़ने वाले छात्र समाज के प्रति जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनेंगे।
उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि इससे छात्रों को डिग्री तो मिलती है, लेकिन व्यावहारिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा की कमी बनी रहती है। उन्होंने भारतीय भाषाओं, पारंपरिक ज्ञान और तकनीकी शिक्षा के समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया और कहा कि यह सभी वर्गों के लोगों के लिए लाभकारी है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए विद्यालय संचालकों ने भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ने की इच्छा जताई और संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह ने बोर्ड के पाठ्यक्रम और उसकी विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने वाली डॉक्टर जूड, समाजसेवा के तहत लावारिस मृतकों का अंतिम संस्कार करने वाले डॉ. पीएन सिंह, किसान हितों व सामाजिक कार्यों में सक्रिय देव प्रकाश राय, उमाशंकर ओमर, सीए शमीम अहमद और वैश तरफदार सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने की। इस दौरान स्कूली बच्चों ने योगाभ्यास की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम में मऊ के साथ-साथ आगरा, मैनपुरी, हाथरस, गोरखपुर, जौनपुर, आजमगढ़, लखनऊ, बाराबंकी, गाजीपुर, बलिया और देवरिया समेत कई जिलों से आए विद्यालय प्रबंधकों ने भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ने और नए विद्यालय स्थापित करने का संकल्प लिया।
इस आयोजन में पतंजलि से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस आयोजन में महती भूमिका निभाने वाले लिटिल फ्लावर चिल्ड्रन स्कूल के निदेशक मुरलीधर यादव, रामलखन, गिरधर यादव सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।


















