होली देता समरसता का संदेश : उर्मिला देवी
दोहरीघाट/मऊ। होली का त्योहार देता है एकता व समरसता का संदेश।होली एकता, समरसता और भाईचारे के संदेश से समाहित एक त्यौहार है जिसके माध्यम से हम एक दूसरे से अपने प्रेम व्यवहार व एकता का संदेश प्रसारित करते हैं। उक्त बातें जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला देवी जायसवाल ने सोमवार की शाम दोहरीघाट में आयोजित जायसवाल होली मिलन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा।
सोमवार की शाम दोहरीघाट के गौरीशंकर घाट स्थित शिवमन्दिर पर जायसवाल समाज सेवा समिति के तत्वाधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने आपस में रंग गुलाल के साथ ही फूलों की होली खेली व जमकर एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए गले मिले। जिला अध्यक्ष कैलाश जायसवाल ने कहाकि होली का पर्व आपसी मतभेद को भुलाकर प्रेम व सौहार्द को बढ़ाने का संदेश देता है। जिलामहामंत्री श्रीराम जायसवाल ने कहाकि होली मिलन समारोह सनातन धर्म की परम्परा रही है जो सभी समाज के लोगों को गिले शिकवे भुलाकर सद्भाव और भाईचारे के साथ गले मिलने काम एक सुनहरा अवसर मिलता है। जिससे समाज में फैली कुरीतियों व सामंतवादी ताकतों का मुंहतोड़ जबाब दिया जाता है। जिसके कारण सभी धर्मों के बीच एक-दूसरे के प्रति आशान्वित प्रेम लगाव और सामाजिक समरसता बढ़ने का एक सार्थक मार्ग प्रशस्त होता है। युवामोर्चा जिलाध्यक्ष प्रतीक जायसवाल ने शानदार आयोजन के लिये आयोजक मण्डल को बधाई देते हुए युवा टीम का सम्मान किया।
कार्यक्रम शुभारंभ के अवसर पर भगवान सहस्त्रार्जुन की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि उर्मिला जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन व गुलाल अबीर लगाकर पूजन कर किया गया। इसके बाद एक दूसरे के साथ जमकर होली खेली गई। कार्यक्रम संयोजक व्यापार मंडल अध्यक्ष विनय जायसवाल द्वारा मुख्य अतिथि उर्मिला जायसवाल, विशिष्ट अतिथि कैलाश जायसवाल, प्रतीक जायसवाल व अजय जायसवाल सहित सभी अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष मुन्ना जायसवाल, कन्हैया जायसवाल, अविनाश जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, सतीश जायसवाल, सन्तोष जायसवाल, राहुल, मनोज, श्रवण, शिवकुमार जायसवाल, जवाहर लाल, गौरव, बद्री जायसवाल, उपेंद्र, सत्यनारायण, गोपाल जी, राकेश, कृष्णगोपाल, चन्दन जायसवाल, दीपांशु, मनीष, मुन्नीलाल जायसवाल, राकेश, कंचन, सुरेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोग सपरिवार उपस्थित रहे।

