साधना शर्मा हत्याकांड मामले में गैंगेस्टर श्रद्धा गुप्ता ने किया सरेंडर, गई जेल

●सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद गई जेल, विपर्णा की मेहनत और जज्बा ला रहा रंग
● 2019 से गैंगेस्टर के मुकदमे में चल रही थी फरार
● दो साल पूर्व उच्च न्यायालय ने दिए थे 3 माह में विवेचना पूर्ण करने के आदेश
दिनांक 23 मई 16 को बदायूं की तत्कालीन डीजीसी साधना शर्मा की बदायूँ कचहरी से अपने घर उझानी लौटते समय जिरोलिया के पास टवेरा गाड़ी से कुचल कर हत्या करवा दी गई थी। जिसमें 11 लोगों का नाम प्रकाश में आया था। इस हत्या के मुकदमे पर 2017 में गैंगस्टर का मुकदमा थाना उझानी में कायम हुआ था। इस गैंगस्टर के मुकदमे में पहले 8 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया गया था, जिसका गैंग लीडर मुख्य अभियुक्त पी सी शर्मा है। जिसका विचारण गैंगस्टर कोर्ट बदायूं में चल रहा है। इसके उपरांत जब बचे तीन मुल्जिमान श्रवण गुप्ता, श्रद्धा गुप्ता तथा कमलेश शर्मा के खिलाफ हत्या के मुकदमे में आरोप पत्र सीजेएम बदायूं के न्यायालय में प्रेषित किया गया तब इन तीनों के खिलाफ भी पूरक गैंग चार्ट बनाकर अग्रिम विवेचना के आदेश तत्कालीन एसएसपी बदायूं द्वारा किए गए थे। मुल्जिमा श्रद्धा गुप्ता गैंगेस्टर के मुकदमे में अपनी गिरफ्तारी से स्टे हेतु तथा गैंगेस्टर की एफआईआर निरस्त कराने हेतु हाई कोर्ट इलाहाबाद गई थी जहां उसकी याचिका निरस्त होने पर मुल्जिमा श्रद्धा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट मैं अपील दायर की जो दिनांक 26. 4. 2022 को खारिज हो गई। इसके उपरांत हत्या के मुकदमे की वादिनी व मृतका साधना शर्मा की बहन विपर्णा गौड़ ने बदायूं को एसएसपी बदायूं को दिनांक 16.5.2022 को श्रद्धा गुप्ता की गिरफ्तारी हेतु शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिसके उपरांत दिनांक 18 मार्च 2022 को मुल्जिमा श्रद्धा गुप्ता ने गैंगस्टर न्यायालय में सरेंडर प्रार्थना पत्र डाला। जिस पर थाना आलापुर की रिपोर्ट गैंगस्टर न्यायालय द्वारा तलब कर दिनांक 21.5 .2022 की तिथि नियत की गई थी। दिनांक 21 मई 2022 को गैंगस्टर की मुलजिमा श्रद्धा गुप्ता ने गैंगस्टर न्यायालय बदायूं समक्ष सरेंडर कर दिया जहां उसे कस्टडी में लेकर वारंट बना जिला कारागार बदायूं भेज दिया।
वादिनी विपर्णा गौड़ ने बताया कि मेरे द्वारा 2019 से ही कई बार तत्कालीन sho उझानी विनोद कुमार व गैंगेस्टर के मामले के विवेचकों की शिकायतें की गईं, पर विवेचकों ने श्रद्धा को hc और sc जाने का पूरा मौका दिया और गिरफ्तार नहीं किया। अब भी शिकायत पर ही सरेंडर हुआ है। एसएसपी बदायूं से अनुरोध है कि वह हाईकोर्ट के निर्देशानुसार इस मुकदमे में जल्दी से जल्दी आरोप पत्र प्रेषित करवाएं तथा पुलिस व अभियोजन को आरोपी गिरीश मिश्रा के स्टे को खारिज कराने हेतु निर्देशित करें ताकि गिरीश मिश्रा और कमलेश शर्मा की भी गिरफ्तारी गैंगस्टर में हो सके।”

