मऊ के तालीमुद्दीन स्कूल को सौंपा गया मस्जिद से उतारा गया पहला लाउडस्पीकर, डीएम रहे मौजूद

० शासन के पहल पर हुआ यह शानदार प्रयास
मऊ। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में प्रदेश में जितने भी धार्मिक स्थल है, वहां से मानक से अधिक लाउडस्पीकर हटाने की कार्यवाही की गयी थी एवं उनको शैक्षणिक संस्थानों को देने की बात कही गई थी जिससे उनका उपयोग शैक्षणिक संस्थानों में किया जा सके। वृहस्पतिवार को इसी क्रम में मऊ में इसकी शानदार पहल जिलाधिकारी अरूण कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा व नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन सहित मस्जिद कमेटी और स्कूल कमेटी की मौजूदगी में की गई। जामा मस्जिद कादीपुरा के इमाम जकाउल्लाह ने मस्जिद से उतरवाए गए दो लाउडस्पीकर एवं एम्प्लीफायर मशीन को तालीमुद्दीन इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य मजहर को सौंपा। बता दें कि जामा मस्जिद कादीपुरा के समिति द्वारा सर्वसम्मति से इस उपकरण को जिला प्रशासन को सौंपा गया था। जिसे आज जिलाधिकारी अरुण कुमार की मौजूदगी में प्रधानाचार्य को सौंपा गया। जिलाधिकारी ने सभी धार्मिक स्थलों के प्रमुखों को कहा कि शासन के निर्देश के अनुरूप ही लाउडस्पीकर का प्रयोग करें, साथ ही जितने भी लाउडस्पीकर धार्मिक स्थलों से हटाए गए हैं, उन्हें जिला प्रशासन को सौंप दें, जिससे उनका उपयोग शैक्षणिक संस्थानों के अलावा अन्य जरूरी जगहों पर किया जा सके।
तालीमुद्दीन इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य मजहर ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का शासनादेश आया था और इन लाउडस्पीकरों को स्कूल आदि में देने का निवेदन किया गया था। जिसके क्रम में जिलाधिकारी की मौजूदगी में उनके स्कूल को यह ध्वनि विस्तारक यंत्र मिला है। उन्होंने कहा यह शासन प्रशासन की अच्छी पहल है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से मानक के विपरीत लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अभियान चलाकर उतारा गया था। लेकिन उसी क्रम शासन द्वारा उसे मंदिर, मस्जिद से उतारकर शिक्षा के मंदिर में देने की पहल का जो अभियान चलाया जा रहा है वह, काबिले तारीफ है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।

