रचनाकार

“जल दिवस”

@किशोर कुमार धनावत, रायपुर

एक गिलास पानी,
जीवन की कहानी|
मत करो बर्बाद,
हमेशा रखो याद|
प्रकृति का वरदान,
भूल गया इन्सान|
पानी का महत्व,
अमुल्य प्राणतत्व|
जागना जरूरी है,
बोलना मजबूरी है|

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