जीवन अपना राष्ट्र समर्पित, भारत माता के लाल अटल

स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को
जन्मदिन पर शत् शत् नमन्…

( छगनलाल मुथा-सांडेराव )
नाम अटल था, काम अटल,
करते थे सब काम अटल।
चार दशकों संसद सदस्य,
तीन बार, प्रधानमंत्री अटल।
राष्ट्रीय सेवक संघ प्रचारक,
आजीवन अविवाहित प्रण अटल।
पांचजन्य, राष्ट्रधर्म, वीर अर्जुन,
पत्रिकाओं के संपादक अटल।
मेरी कविताएं युद्ध की घोषणा,
५१ कविताओं के रचयिता अटल।
दोस्त की बेटी को दत्तक स्वीकारा,
आधुनिक विचारधारा के अटल।
पोखरण परमाणु परीक्षण कर,
भारत का मान बढ़ाया अटल।
कारगिल पहाड़ी की चोटियों से,
दुश्मन को मार भगाया अटल।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना से,
चारो महानगरों को जोड़ा अटल।
दुश्मन को भी दोस्त बनाकर,
विश्व शान्ति के राहगीर अटल।
श्रेष्ठ सांसद, पदम् विभूषण,
भारत रत्न सम्मानित अटल।
जीवन अपना राष्ट्र समर्पित,
भारत माता के लाल अटल।
कविता के रचनाकार छगनलाल मुथा-सांडेराव, मुम्बई के रहने वाले हैं। वर्तमान में आस्ट्रेलीया से भारत वासियों को रचना सादर प्रेषित किए हैं।

