“बाबा” की बेटी श्रीयशी मिश्रा बनी भारतीय रेल की सबसे कम उम्र की ZRUCC मेम्बर

प्रयागराज। निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र “बाबा” की सुपुत्री श्रीयशी मिश्रा ने 20 वर्ष की उम्र में भारतीय रेल में सबसे कम उम्र की ZRUCC की सदस्य बन इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.काम की शिक्षा ग्रहण करने वाली श्रीयशी शुरु से मेद्यावी हैं। वे हर काम को बहुत ही ईमानदारी से और संकल्प व प्रण लेकर करती है। पिता सतीश मिश्र बाबा व माता डॉ प्रतिभा मिश्रा के आशीष व संस्कार के साथ श्रीयशी पर देवी सरवस्ती की विशेष कृपा है। जेडआरयूसीसी मेम्बर बनने के बाद प्रयागराज के अरावली सभागार अंग्रेजी व हिन्दी भाषा के रेलमय सम्बोधन के बाद सबका मन मोह लिया। श्रीयशी ने अपने सम्बोधन में कहा कि माता रानी की कृपा से व भारतीय रेल के आदर्श रेल अधिकारियों के आशीर्वाद से खास तौर से मैं दिव्यांग रेल यात्रियों की आवाज बनूँगी और NCR के साथ ही अपने पूज्य पिता जिन्होंने आधी आबादी के लिए अपना सब कुछ लगा दिया है के लिए असीम संबल बनूँगी। कहा कि मैं नारी शक्ति को नमन करते हुए आपको यह विश्वास दिलाती हूं कि पद की उपयोगिता व गंभीरता का विशेष ध्यान देते हुए रेल व रेल यात्री हित में विशेष काम करूंगी। अपने पिता से हिन्दी व माता से अंग्रेजी में विशेषज्ञता लेने वाली श्रीयशी की GM / DGMG / NCR सहित सभी PHOD ने विशेष सराहना की। बताते चले कि भारतीय रेल के सभी जोनों के ZRUCC में 10 सांसद ( 7 लोकसभा व 3 राज्यसभा) सदस्य होते हैं।
विगत दिनों 15 / 11 / 21 को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज की ZRUCC की बैठक में श्रीयशी मिश्रा की उपस्थिति NCR एवं नारी शक्ति के साथ ही भारतीय रेल के लिए भी यादगार रहा ।
सेना की राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा MEMBER ZRUCC NE RLY नसरीन फात्मा ने श्रीयशी बिटिया के साथ दृढ़ता व सम्पूर्ण मनोयोग के साथ उपस्थित थी। निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र बाबा ने कहा कि निर्भया सेना परिवार की बेटी ने भारतीय रेल में अब एक मील का पत्थर स्थापित कर दिया है ।
बाबा ने इस उपलब्धि का सम्पूर्ण श्रेय रेल मंत्री व CRB सहित विशेष रूप से तत्कालीन महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी, GM / NCR प्रमोद कुमार, तत्कालीन DGMG अंशू पाण्डेय, DGMG मन्नू प्रकाश दूबे, ADGM संतोष बाजपेई को दिया है ।
उन्होंने कहा कि मैं स्वयं इस पोस्ट को लिखते समय बेहद अभिभूत हूँ कि आज बाबा जी हजारों हजार बेटी – बहनों के सम्मान, सहयोग व आधी आबादी की लड़ाई लड़ते हैं तो ईश्वर महाबली की कृपा और सबकी दुआएं तो बाबा व उनके परिवार को प्राप्त होंगी ही ।

