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पोषण वाटिका महाभियान एवं पौध रोपण महाभियान का आयोजन

मऊ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो में पोषण वाटिका महाभियान एवं पौध रोपण महाभियान का आयोजन दिनांक 17.09.2021 को किया गया। इस कायर्क्रम का आयोजन आगामी अंतर्राष्ट्रीय
पोषक अनाज वर्ष 2023 के तैयारियों के शुभारंभ के रुप में किया गया। कायर्क्रम में 400 प्रतिभागीयों जिसमें 103 कन्याएँ एवं 105 किसान सम्मिलित थे ने भाग लिया। कायर्क्रम का शुभारम्भ नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार के वेबकास्ट सम्बोधन से हुआ। कायर्क्रम में लघुधान्य अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदों, कुट्टु, सावां, चीना इत्यादि के पोषक गुणों पर विस्तार से चचार् हुई। ब्यूरो की प्रधान वैज्ञानिक डा. रेनु ने पोषक खाघ पदार्थ एवं महिला स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डा. प्रमोद कुमार साहू, वैज्ञानिक ने रेंखाकित किया कि मोटे अनाज उत्पादन पर राज्य सरकारों का जोर है और भविष्य में इस पर और बल मिलने की संभावना है।

कायर्क्रम के विशिष्ट अतिथि डा. अरविन्द श्रीवास्तव ने
मोटे अनाजों से मिलने वाले पोशक गुणों के बारे में सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही
साथ उन्होनें जैविक खाद एवं मशरुम की खेती द्वारा आजिविका प्रबन्धन पर भी जोर दिया। इसके
उपरान्त मुख्य अतिथि डा. नम्रता श्रीवास्तव ने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने हेतु मोटे अनाज एवं पौष्टिक आहार की भूमिका पर जागरुकता भाशण दिया। कायर्क्रम में सम्मिलित कन्याओं को उनके स्वास्थ्य हेतु विषेश रुप से जागरुक किया गया। डा. शोभित थापा ने सतत् कृषि और ग्रामीण आजीविका पर वृक्षारोपण की भूमिका पर व्याख्यान दिया। ब्यूरो के प्रभारी निदेशक डा. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने देश में पोषण आत्मनिभर्रता प्राप्त करने हेतु मोटे अनाजों
का योगदान एवं सूक्ष्मजीव उत्पाद आधारित जैविक खेती की उपयोगिता पर प्रकाष डाला एवं बताया
कि ब्यूरो में ऐसे अनेकों बायोफ्रामूलेशन विकसित किये है जो कृषि में रसायनों की निभर्रता को कम करते है एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार करते है। यह उत्पाद किसानों के लिए सुगमता से उपलब्ध है तथा ब्यूरो के वैज्ञानिक किसानों को तकनीकि उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है, साथ ही उन्होने किसानों से बाजरे की खेती करने का आह्वान किया। कायर्क्रम के समन्वयक डा. पवन कुमार
शमार् एवं वैज्ञानिक डा. हिल्लोल चकधर ने व्याख्यान प्रस्तुत किये तथा किसानों को पौधों एवं
सब्जियों के बीज का वितरण किया। कायर्क्रम आयोजन में श्री श्याम शुक्ल, अंचल कुमार श्रीवास्तव, मनीष राय, सिद्धार्थ अरोड़ा एवं अमर नाथ सिंह पटेल की विशेष योगदान रहा।

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