बरौली-पहसा सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, ग्रामीणों ने कहा सड़क पर उतरने को न करें मजबूर
बलिया/ मऊ। प्रखंड बरौली से पहसा जाने वाली सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह सड़क दो जनपदों को जोड़ता भी है तो कुछ इलाकों के लिए इस सड़क पर यात्रा करने से दूरी कम पड़ती है जिससे समय और पैसा दोनों बचता है। जर्जर सड़क से ग्रामाीणों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि जनप्रतिनिधि उक्त सड़क के शीघ्र मरम्मतीकरण की बात कह रहे हैं। लेकिन सड़क निर्माण का यह प्रस्ताव अबतक फाइलों में ही अटका हुआ है। बरौली से पहसा को जाने वाली यह सड़क, बरौली, उसकर गजियापुर ,बनकटवा, निगहुआ, मीरपुर, चकरा समेत कई गांव के हजारों की आबादी को जोड़ती है। सड़क के खस्ताहाल हो जाने से राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उक्त सड़क पूरी तरह उखड़ गया है। जिससे साइकिल, बाइक एवं अन्य चार पहिया वाहनों के परिचालन में काफी दिक्कतें आ रही है। व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी यह सड़क महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि इस मार्ग होकर कई गांव के लोग अपने जरुरत के सामानों को खरीदने के लिए पहसा बाजार या मऊ पहुंचते हैं। उक्त सड़क का निर्माण सात साल पहले की गई थी तब से आज तक सड़क की मरम्मतीकरण नहीं की गई है। जिससे लोगों में रोष है।
समाजवादी युवजन सभा में प्रदेश कार्यकारिणी विशेष आमंत्रित सदस्य रवि प्रकाश यादव ने बताया कि यह सड़क क्षेत्र वासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पीछले तीन साल से सड़क की हालत बद से बद्तर है लेकिन ना प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते हैं। सड़क के जीर्णोद्धार को लेकर बार बार प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मांग की गई लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के द्वारा सिर्फ जनता को आश्वासन के झुनझुना ही मिला। इस सड़क की बदहाल स्थिति लोगों को काफी खल रही है। यदि शीघ्र ही प्रशासन व जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दिया तो फिर हम लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। यशवंत सिंह, राजेश यादव, राहुल पासवान, शिवम खरवार, विपुल यादव, चंदन राजभर, ओम कन्नौजिया, धर्मेंद्र यादव, कमलेश कुमार, संदीप पांडेय ने इस सड़क पर सरकार और प्रशासन दोनों को ध्यान देने की अपील किया है तथा कहा है कि अविलंब इस सड़क को मरम्मत कराकर लोगों को परेशानी और देशवासियों से दुश्वारियां से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है।



