14 मई को अक्षय तृतीया, जाने क्या है इस दिन का महत्व
( कृष्णा भिवानीवाला )
अक्षय तृतीया का महत्व हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत बड़ा महत्व है। इस पर्व को बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, इस वर्ष चौदह मई को यह पर्व मनाया जायेगा।
इस तिथि को अबूझ मुहूर्त होता है यानी किसी भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग या ब्राह्मण से मुहूर्त निकलवाने की जरूरत नहीं होती और शुभ कार्य कर सकते हैं।
आज के दिन सोना खरीदने की भी परंपरा है, क्योंकि आज के दिन सागर मंथन से अमृत कलश और मां लक्ष्मी निकली थी तब भगवान शंकर ने उन्हें कुबेरजी को सौंपा था तभी से आज के दिन बहुत से लोग अपने कार्यालय में नये बही खाते का पूजन करते हैं
आज के दिन भगवान विष्णु जी ने छठे अवतार के रूप परशुरामजी के रुप में अवतारित हुए,हजारों वर्ष भगीरथ जी ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए तपस्या की आज के दिन ही मां गंगा प्रशन हो धरती पर अवतरित हुई ।

आज के दिन गंगा स्नान का बहुत बड़ा महत्व है मां गंगा तो मोक्षदायिनी है आज के दिन शुद्ध मन से गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते है।
अक्षय तृतीया के दिन ही पांडव पुत्र युधिष्ठिर को अक्षय पात्र मिला था इस पात्र की खासियत है कि इसमेंपका भोजन कभी खत्म नहीं होता।
राजस्थान में आज के दिन मां अन्नपूर्णा का पूजन-अर्चन कर घर में सात तरह के अनाज का मिश्रण कर खिचड़ा और इमली का खट्टा मीठा पानी बनाते हैं जिसे अमलाना कहते हैं।
आज के दिन विशेष कर ब्राह्मण या किसी भी जरुरत मंद व्यक्ति को एक छाता,पानी, चप्पल, चीनी, नींबू और तथा शक्ति दक्षिणा देना चाहिए आज के दिन हम जो भी दान करते हैं इसका फल हमें जन्म-जन्मांतर तक मिलता है इसका क्षय नहीं होता।
आज के दिन हर व्यक्ति को अपनी आमदनी में से कुछ अंश जरूर से गरीबो और जरूरत मंद को देना चाहिए
आज के दिन ज्यादा कुछ न करे लेकिन इतना जरूर करें एक करें के पत्ते में थोड़ी सी भीगी हुई चने की दाल ,तुलसी दल , मिस्री या चीनी और कड़वे नीम को दो चार पत्ते शाम के समय भगवान विष्णु जी को भोग जरुर चढ़ाते और फिर इसे खुद भी ग्रहण करें ऐसा करने से हमारे शरीर में जल्दी से कौई भी संक्रमण नहीं पकड़ता इसे महज एक दंत कथा न समझे इसे मेरे गुरु महाराज और मेरे माता पिता ने बताया हमारे धर में तो आज अक्षय तृतीया के पहले दिन शाम को और फिर दूसरे दिन सुबह खिचड़ा और अमलाना बनता है।
आज के दिन श्री हरि की पूजा अर्चना कर दान धर्म करने से धन की बढ़ोतरी होती है लेकिन ये तभी होगा जब आपके मन में विश्वास होगा।
लेखिका बेहाना कोलकता की रहने वाली हैं।

