लाॅक डाउन और भारत

वक़्त रंगों सा लगे सब पे मेहरबां हो जाता है

जम्मू से कामनी गुप्ता…

रंगों से सराबोर जब ये जहां हो जाता है।
हर तरफ़ खुशियों का तब समां हो जाता है।

तुम मन को टटोल कर देखना कभी फिर;
मुश्किलों का सफ़र भी आसां हो जाता है।

चलो मुट्ठी में भर लें इन कीमती लम्हों को;
पलभर के लिए हर दिल जवां हो जाता है।

इन रंगों ने हर ज़िन्दगी में रंग बिखेरे हैं इतने;
बिछड़े अपनों का भी प्यार ब्यां हो जाता है।

दुश्मन को भी अपना बना देती है ये होली;
वक़्त रंगों सा लगे सब पे मेहरबां हो जाता है।

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