पिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री योगी का लिखा पत्र, पढ़कर भावुक हुए लोग
(आनन्द कुमार)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के पिता आनन्द सिंह बिष्ट का निधन दिल्ली एम्स में उपचार के दौरान हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे देश में शोक का लहर छा गया। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए जहां पूरा देश जंग लड़ रहा है, ऐसे में सूबे के मुखिया गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के पिताजी का निधन काफी दुखद है। निधन का समाचार सुनने के बाद योगी आदित्यनाथ द्वारा अपने पिता के प्रति श्रद्धा सुमन में दिए संदेश तथा अपनों से की गई विनती का पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग एक स्वर में इस दुख की घड़ी में सुबे के मुख्यमंत्री के इस शब्द के प्रति भाव विभोर हैं। आम जन का कहना है कि सब कुछ संपन्न होने के बाद भी एक बेटे का अपने पिता के अंतिम संस्कार में ना जाना, अपने प्रदेश की जनता का सेवा का बखूबी से पालन करने का निर्णय सुनाना काफी ही सराहनीय। लोगों का कहना है कि यह निर्णय कोई महापुरुष हो ले सकता हैं। आइए आपको बताते हैं कि वायरल हुए पत्र में मुख्यमंत्री ने अपने पिता को तथा परिजनों को शुभचिंतकों को श्रद्धा सुमन में शब्दों की क्या अभिव्यक्ति दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पत्र का अक्षरशः शब्द…
…मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अपने पूज्य पिताजी के कैलाश वासी होने पर मुझे भारी दु:ख है एवं शोक है, वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं, जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोकमंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परंतु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्य बोध के कारण मैं न कर सका। कल 21अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लाकॅ डाउन की सफलता तथा महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूँ। पूज्यनिय मां व पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से अपील है कि वे लाकॅ डाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें। पूज्य पिताजी के स्मृतियों को कोटि कोटि नमन् करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूँ। लाकॅ डाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।
योगी आदित्यनाथ
……………………..
राजनाथ सिंह गृहमंत्री भारत सरकार…
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के पिता श्री के निधन की खबर सुन स्तब्ध हूँ। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि।
………………………
राज्यपाल यूपी आननंदी बेन पटेल लिखती हैं…

……………..
बसपा सुप्रीमों मायावती…
Check out @Mayawati’s Tweet: https://twitter.com/Mayawati/status/1252137668454072323?s=09
………………
सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव…
Check out @yadavakhilesh’s Tweet: https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1252127719300591616?s=09
………………
सोशल मीडिया पर…
आईपीएस अजय साहनी लिखते हैं…
माननीय मुख्मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के पूज्य पिता जी का दिल्ली में स्वर्गवास हो गया। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं!
व्यक्तिगत कर्तव्य के आगे प्रदेश और जनता के प्रति अपने कर्तव्यों को रखकर आपने 1 मिशाल प्रस्तुत किया है।
सबके साथ मिलकर आपके नेतृत्व में हम इस महामारी को हराने में जरूर कामयाब होंगे।
जय हिन्द, जय भारत
…………………….
रवि राजभर लिखते हैं
बडा कठिन है योगी होना
पितृ खोकर भी धैर्य न खोना
विनम्र श्रद्धांजलि ⚘🙏
……………………..
दिव्येन्दु राय युवा सामाजिक कार्यकर्ता लिखते हैं…
मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के पिताजी का देहांत होना बेहद ही दुःखद है, भगवान उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें। पिताजी के मृत्यु की ख़बर सुनने के मुख्यमंत्री जी भावुक जरूर हुए लेकिन उन्होंने कोरोना को लेकर चल रही बैठक को जारी रखा एवं बाद में यह भी कहा की कोरोना के इस दौर में मैं अपने प्रदेश वासियों को छोड़कर अपने पिता के क्रिया कर्म में नहीं सम्मलित हो पाऊँगा एवं सबसे लॉकडाउन के पालन करने को कहा।
“इतना कहकर उन्होंने पुनः उत्तर प्रदेश की जनता का दिल जीत लिया, अन्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं नेतागण योगी जी से जनसेवा करने की सीख ले सकते हैं।”
………………………….
लखनऊ से पत्रकार वैदिका गुप्ता लिखती हैं…
एक तरफ निधन की ख़बर दूसरी तरफ टीम 11 की बैठक। 10:30 पर बैठक की शुरुवात हुई। और 10:44 पर पिता जी का निधन की ख़बर लगने पर कुछ देर स्तम्भ हो गए सीएम योगी फिर भी जारी रखी मीटिंग 🙏
उस क्षण को अच्छे से समझा जा सकता है कि योगी आदित्यनाथ जी पर उस वक्त क्या गुजर रही होगी। धन्य हो गया यूपी ऐसे मुख्यमंत्री पा कर।
…………………………
मऊ से भाजपा कार्यकर्ता सुनील दूबे सोनू लिखते हैं…
पिता का अंतिम दर्शन नहीं, लाकॅ डाउन का पालन व 23 करोड़ जनता की चिन्ता, सच में ऐसे महापुरूष मुश्किल से मिलते हैं। नमन् योगी जी नमन् मुख्यमंत्री जी आपके जज्बे को बार-बार नमन्।
……………………….
पत्रकार अनूप हेमकर…
उप्र के नागरिक होने के नाते,इस विपदकाल में अपने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिखाए गए अप्रतिम धैर्य व उत्तरदायित्व बोध पर मुझे गर्व है ! चाहे पूर्वाश्रम के ही हों पिता,पिता होते हैं ! ईश्वर आपके पिता को अपने चरणों में स्थान दे व परिजनों को धैर्य दे । ॐ शांति
…………….
मऊ की अर्चना कपूर योगी का पत्र लगाकर लिखती हैं…
Proud to our chief minister shri yogi adityanath ji

………………….

