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चंद्रशेखर जी बहुत बड़े आदमी थे : जमुना प्रसाद बोस

■ विधानपरिषद सदस्य यशवंत सिंह ने लिए बीमार जमुना प्रसाद जी का हालचाल

■ लखनऊ में चल रहा है वरिष्ठ स्वतन्त्रता सेनानी और लोकतन्त्र सेनानी का इलाज

लखनऊ। वरिष्ठ स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, लोकतन्त्र सेनानी, चार बार विधायक रहे, पूर्व मंत्री श्री जमुना प्रसाद बोस इस समय बीमार हैं। उनके कमर में राड पड़ी है। इसलिए बैठने में दिक्कत है। तन भी कमजोर हो गया है लेकिन 95 वर्ष की उम्र में भी उनका मन कमजोर नहीं हुआ है। वह अब भी अपने लिए नहीं, देश और समाज के हित के लिए चिंतित हैं।
लखनऊ की लारेंस टेरेस कालोनी में बिस्तरे पर पड़े पूर्व मंत्री श्री जमुना प्रसाद जी का हालचाल लेने के लिए आज रविवार को विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह उनके आवास पर गए थे। उन्हें देखते ही श्री बोस जी 1952 के उस कार्यकाल में पहुँच गए, जब पूर्व प्रधानमंत्री राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर प्रजा समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश के महामंत्री थे और जमुना प्रसाद संयुक्त मन्त्री। फिर भी वह खो गए ए पी सेन रोड के उन दिनों की याद में।
कुछ पलों के बाद श्री बोस जी ने खुद चुप्पी तोड़ी और कहा कि चन्द्रशेखर जी बहुत बड़े आदमी थे। वह साथियों की निजी समस्याएं की भी जानकारी रखते थे और उसका सम्मानित तरीके से निदान करते थे।
इसे लेकर श्री बोस जी ने अपना ही उदाहरण दिया और कहा कि एक बार चन्द्रशेखर जी ने मुझसे पूछा कि बेटी की शादी में लेट क्यों हो रहा है। मैंने कहा कि मैं मन्त्री रहा हूँ। लोग समझते हैं कि मेरे पास कौन कमी। मेरे पास एक हज़ार रुपया भी नहीं है। दो लाख रुपये की डिमांड हो रही है, जो मेरे पास नहीं है। विवाह के समय उन्होंने एक आदमी भेजकर मुझे दो लाख रुपया दिया। इस बीच वह याद कर हँसे की चन्द्रशेखर जी ने वह पैसा मेरे हाथ में यह कहकर नहीं दिया कि तुम किसी और साथी इसे खर्च कर दोगे।
कुछ पल वह फिर चुप रहे। फिर बोले कि आपको ( यशवंत सिंह की तरफ इशारा करके ) भी चन्द्रशेखर जी बहुत मानते थे। उन्होंने कहा कि 2003 में चन्द्रशेखर जी राजा भैया ( रघुराज प्रताप सिंह ) जो उस समय बांदा जेल में बंद थे, से मिलने बांदा आए थे। उनके साथ गाड़ी में आप बैठे थे।
जवाब में विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने कहा कि मैं जब से आपको जानता हूँ, तब से आपकी ईमानदारी का कायल हूँ। कल भी था, आज भी हूँ। मैं वह दिन कैसे भूल सकता हूँ जब राजा भैया के लिए चिल्ला घाट से पहले खड़े थे। यशवंत सिंह ने श्री बोस के लिए कहा कि ईश्वर आपको जल्द स्वस्थ करे। आप शतायु हों।

धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव
सम्पादक
राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर सन्सद में दो टूक
लोकबन्धु राजनारायण विचार पथ एक
अभी उम्मीद ज़िन्दा है

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