चर्चा में

बात सेहत की : सरसों के तेल के फायदे

अच्छी सेहत के लिए क्या क्या कदम उठाने चाहिए इस पर चर्चा मुझे बहुत ही पसंद है। कुछ अनजानी गलतियों से अच्छों की सेहत खराब होते देखा है। आज मेरी इच्छा सरसों तेल की उपयोगिता बताने की है। सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है। सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं। जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है।

1. जोड़ों का दर्द/ गठिया/ मांसपेशियों का दर्द
1. दर्दनाशक के रूप में
जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा सरसों के तेल के सेवन से अंदरुनी दर्द में भी आराम मिलता है.
2. . रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
सरसों का तेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है। शरीर की अंदरुनी कमजोरी को दूर करने के लिए सरसों के तेल का नियमित सेवन करें. इससे मालिश करना भी फायदेमंद रहेगा।

3. दिल की बीमारी रोकता है: सरसों के तेल का प्रयोग करने से से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करता है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।

4. भूख बढ़ाने में: भूख नहीं लगने पर भी सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।

5. कैंसर को रोकता है: कैंसर

सरसों तेल को जोड़ों जैसी आम समस्या से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सरसों के तेल में कैंसर से लड़ने वाले गुण मौजूद होते हैं। साउथ डकोटा यूनिवर्सिटी का एक अध्ययन भी यही साबित हुआ है। उन्होंने कोलन कैंसर से प्रभावित चूहों पर सरसों, मकई और मछली के तेल के असर का परीक्षण किया। कोलन कैंसर को रोकने में मछली के तेल की तुलना में सरसों का तेल अधिक प्रभावी पाया गया।

नोट: कच्ची घानी सरसों के तेल का शुद्ध रूप है और यही वजह है कि समझदार भारतीय गृहणी भोजन बनाने के लिए इसी तेल का इस्तेमाल करना पसंद करती हैं।s

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