सिपाही ने ड्यूटी समाप्त होने पर भी भटकी हुई बच्ची को उसके परिजनों से मिलाया
◆ घंटो बाइक पर लेकर भटकता रहा सिपाही
◆ 30 किलोमीटर दूर उसके घर जाकर परिजनों को सौंपा
मऊ। एक चार साल के भटकी हुई मासूम बच्ची को डायल 100 के सिपाही ने ड्यूटी समाप्त होने के बावजूद भी अपना फर्ज निभाते हुए अपने बाइक से उसके परिजनों को खोज निकाला और राहत की सांस ली। आज जरूरत है सभी को इस ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही से सीख लेने की जो अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है।
बात दें कि डायल 100 के पीआरवी 2260 में तैनात अखिलेश सिंह गौतम की ड्यूटी सोमवार की सुबह 8 बजे समाप्त हो गयी। वह अपने घर जाने ही वाले थे कि 8.30 के करीब एक फ़ोन आया और उसने एक 4 साल के मासूम बच्ची के भटके होने की सूचना दी। इस सूचना से अखिलेश भी मौके पर रणवीरपुर प्राथमिक स्कूल पर पहुंच गए। उन्होंने उस बच्ची के परिजनों को खोजने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। खोजते- खोजते एक महिला ने उस बच्ची नैंसी राजभर(4 वर्ष) पुत्री धनंजय राजभर निवासी खीरी कोठा मधुबन को पहचाना और उसके नाना-नानी का पता बताया। लेकिन उस बच्ची के नाना-नानी ने बच्ची को किसी आशंकावश अपने पास रखने से इंकार कर दिया। तो फिर क्या था, अखिलेश ने उस बच्ची को अपनी बाइक पर बैठाया और चल दिये उसके घर मधुबन थाना क्षेत्र के खीरी कोठा, वहां उसके पिता को बच्ची को सुपुर्द किया। बताया जा रहा है कि उस बच्ची को उसकी माँ रास्ते में छोड़कर कहीं चली गयी थी। अखिलेश और पुलिस की ऐसी कार्यशैली की लोग तारीफ करते नही थक रहे हैं।

