शब्द मसीहा : बच जाऊंगा
(केदारनाथ)
“अबे ओ ! इधर आ तू ।” दो -तीन होमगार्ड उस रिक्शेवाले की तरफ लपके।
रिक्शे वाले ने डरते हुए रिक्शा रोका तो रिक्शे में एक वृद्ध महिला थी ।
“तुझे पता नहीं है कि कर्फ़्यू लगा है , और तेरा मास्क भी नीचे है । निकाल दो हजार रुपये।” पुलिस का सिपाही उसका चालान बनाते हुए बोला।
“साहब ! ये माँ जी को ले जा रहा हूँ अस्पताल । दो हजार एक साथ कभी नहीं देखे मैंने ।”
“डालो इसे गाड़ी में ….साला बीमारी फैला रहा है।”
“साहब! मुझे जेल में डाल दो भले पर इसे अस्पताल पहुंचा दो ।”
“जेल में ही भेजूँगा तुझे …..नेता बन रहा है तू ।” पुलिस वाले ने उसके कान पर रसीद करते हुए कहा ।
“मेहरबानी साहब ! मरने से तो बच जाऊंगा भूख से और आपकी मार से भी।”
मार न जाने कहाँ लगी थी कि पुलिस वाले ने अपना मुंह फेर उसे जाने का इशारा किया।

