फिर भी ना जाने क्यों हमारे देश के भूखे मरते हैं
( अनुष्का श्रीवास्तव )
🇮🇳सोचा ही नहीं इन वीरो की जिंदगी सरहद के पार भी है,
ना कभी यह समझ पाए कि जिंदगी एक आराम भी है।
🇮🇳इनके शहीद होने के बाद हमें याद रहती है तो बस इनकी गिनती,
देश को हम सही सलामत रखे अरे! यही तो है इनकी विनती।
🇮🇳ना जाने क्यों मुझे ख्याल आया कि हम वीरों के सपनों को जला रहे हैं,
ना जाने क्यों मुझे ख्याल आया कि हम एकता को भुला रहे हैं।
🇮🇳कहने को तो हम एकता का गुणगान करते हैं,
फिर भी ना जाने क्यों हमारे देश के भूखे मरते हैं।
🇮🇳कर दे बंदे कुछ कर दे, अपने देश से कैसा बैर है,
यह तेरी धरती तेरा इलाका, तू इस इलाके का शेर है।
🇮🇳तेरे अच्छे कदम से लाखों के चेहरे पर मुस्कान आएगा,
जो कहता है उसे कहने दे, तेरे कर गुजरने के बाद उन्हीं का सलाम आएगा।
🇮🇳🇮🇳जय हिंद जय भारत🇮🇳

