प्रशांत भूषण के समर्थन में मऊ में एकजुटता
आलोचना अवमानना नहीं है, चाहे वह न्यायाधीशों की हो या न्यायालय के आदेशों की आलोचना से न्यायपालिका का इकबाल बढ़ता है। प्रशांत भूषण के मामले में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश ने अवमानना की कार्यवाही का मंसूबा बनाकर न्यायपालिका की, इस पद की गरिमा को गिरा दिया है। वह अपने पद के अहंकार में न्यायालय की खुद अवमनना कर रहे हैं। उक्त बातें प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता जाहिर करने के लिए आयोजित देशव्यापी अभियान 20 अगस्त 020 हम देखेंगे के तहत मऊ कलेक्ट्रेट परिसर में स्वतंत्रता सेनानी द्वय जय बहादुर सिंह ,झारखंडे राय की प्रतिमा स्थल पर सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए नागरिक अधिकार कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति ने कही उन्होंने कहा कि यह सारा खेल मौजूदा सरकार के उस षड़यंत्र का हिस्सा है जिसके द्वारा सरकार नागरिकों के संवैधानिक हको को छीन लेना चाहती है ।प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एडवोकेट सत्य प्रकाश सिंह पूर्व अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार मऊ ने कहा कि कोई भी संस्था उसके प्रमुख से ऊपर होती है मुख्य न्यायाधीश अपने आप को सर्वोच्च न्यायालय समझने की गलती कर रहे हैं आज है कल नहीं रहेंगे उन्हें अपनी स्वायत्तता को बरकरार रखना चाहिए इस समय वह सरकार का तोता बन गए है। प्रतिवाद सभा को पूर्व नपा अध्यक्ष अरशद जमाल साहब ने संबोधित करते हुए कहा कि असहमति लोकतंत्र की रूह( आत्मा) है ।और हम सब लोकतंत्र और आईन (संविधान) की हिफाजत के लिए सत्ता के जुल्मों सितम के खिलाफ जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण की आवाज को दबाना मूल्क के गरीबों, मजलूमों, अकलियतों,आदिवासियों की इंसाफ की आवाज को दबाना है ।प्रधानमंत्री ,मुख्य न्यायधीश संविधान और मूल्क के ऊपर नहीं है. प्रतिवाद सभा को एडवोकेट उदय प्रताप राय,अर्चना उपाध्याय, एडवोकेट अरुण कुमार ,इकबाल अहमद ,साहित्यकार जयप्रकाश धूमकेतु,वीरेंद्र कुमार, जलीस अहमद,बसंत कुमार आदि ने संबोधित किया आज के एकजुटता प्रतिवाद का आयोजन मऊ नागरिक मंच,इंनौस ,आईकैन,वाम एकजुटता समन्वय समिति मऊ ने किया आज के प्रतिवाद में सर्व श्री एडवोकेट प्रेमचंद कौशल एडवोकेट बिरेंदर यादव एडवोकेट अरुण कुमार मुन्नू राम पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिवमूरत गुप्ता शमसुल हसन,गुड्डू राम, अर्चना उपाध्याय, नसीम बानो ,हरिश्चंद्र भारती ,इकबाल अहमद ,राम जन्म सागर ,वीरेंद्र कुमार ,रामू शर्मा ,जलीस अहमद, केदार राम रामबदन राम, राजेश भारती सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

