पहले आशनाई में हुई पिटाई, बाद में पुलिस ने कराई शादी
(फतेह बहादुर गुप्ता)
रतनपुरा (मऊ)। आशनाई के अश्क में डूबे आशिक को रात के अंधेरे में अपने महबूबा से मिलना महंगा पड़ गया। लड़की के परिजनों ने इस युगल को ढूंढ लिया, और प्रेमी की जमकर कुटम्मस हुई ,और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की सूचना पाकर पीआरबी 112 पुलिस तथा चौकी प्रभारी आउटपोस्ट गंगासागर मिश्र भी मौके पर पहुंच गए।
बताया जाता है कि दोनों युगल सजातीय हैं ,और इन दोनों की मुलाकात एक रिश्तेदार के घर आई बारात के दौरान हुआ था ।और दोनों ने हाले दिल बयान करने के बाद एक दूसरे का मोबाइल नंबर अपने पास रख लिया। फिर इसी तरह वार्तालाप का दौर शुरू हुआ तो आशिकी पूरी तरह से शबाब पर पहुंच गई। मोबाइल से होने वाले वार्तालाप से दोनों के दिलों को ठंडक नहीं पहुंच रही थी। जिसकी वजह से इस युगल ने रात के अंधेरे में अपनी बेचैनी दूर करने के लिए मुलाकात करने का निर्णय लिया। प्रेमी संत तुलसीदास जी से प्रेरणा लेते हुए अपनी बाइक पर लगाम कसा और रात के 1:30 बजे रतनपुरा प्रखंड के दक्षिणांचल गांव पहुंच गया। मोबाइल से दोनों ने एक निश्चित स्थान का चयन कर लिया था ,और महबूबा जब रात के अंधेरे में तयशुदा स्थान पर पहुंच गई, और उधर घरवाले उसे बिस्तर पर न पाकर के बेचैन हो उठे, और उसकी तलाशी में लग गए । तलाश के दौरान एक पेड़ के नीचे बाइक खड़ा करके दोनों वार्तालाप कर रहे थे। जहां वे रंगे हाथ पकड़े गए। परिजनों ने आशिक की पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की सूचना पाकर आशिक के गांव सरया से वहां के प्रधान सुनील कुमार एक स्कॉर्पियो में आधे दर्जन लोगों को लेकर के हलधरपुर थाने पर पहुंच गए। जहां मैराथन पंचायत के बाद दोनों पक्षों में शादी करने के लिए हामी भर दी ,और आनन-फानन में राम जानकी मंदिर कुंज वन कुटीर में दोनों ने एक दूसरे को पुष्पा हार पहनाकर परिणय सूत्र में आवद्ध हो गए, और वही से वर कन्या को लेकर अपने गांव को रवाना हो गया। रतनपुरा कस्बा के एक जलपान गृह पर मिष्ठान खिलाकर के दोनों पक्षों ने एक दूसरे की आवभगत की। शादी की रजामंदी का एक समझौता पत्र भी तैयार करके दोनों पक्ष एक दूसरे को भेंट किया। जिस पर तमाम गवाहों ने हस्ताक्षर किए।

