नाराज ओमप्रकाश, अमित शाह से मिल हुए नरम, कहा भाजपा के पक्ष में राज्यसभा में वोटिंग
दिल्ली/लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की मंगलवार को शाम पांच बजे बीजेपी मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात हुई। नाराज कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सिलसिलेवार अपनी नाराजगी को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने रखा। इस संदर्भ में ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि हमने अपनी सारी समस्यााओं को अमित शाह के सामने रखी। उन्होनें बताया कि अमित शाह ने उनकी हर बातों को ध्यान से सुना और कहा कि हमारे ध्यान न देने के वजह से इस तरह की समस्याएं पैदा हो गयी है। आगे से इस तरह के मुद्दो पर मैं खूद ध्यान दूंगा। उन्होने बताया कि 10 अप्रैल को लखनऊ में अमित शाह के साथ सभी लोगो की बैठक होगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अमित शाह से बातचीत के बाद मैं संतुष्ट हूं और राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट दूंगा।
बताते चलें कि इधर काफी दिनों से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व शासन के तौर तरीकों से काफी नाराज चल रहे थे। उन्होंने आरोप भी लगाया था कि सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है। उन्होंने उपचुनाव के हार के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इसी प्रकार उन्होंने मीडिया के माध्यम से खुली चुनौती देते हुए कहा था कि जब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात नहीं होती वह राज्यसभा में भाजपा को मतदान नहीं करेगें। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी की अगर राज्यसभा मतदान तक मुलाकात नहीं हुआ तो उनके पार्टी के लोग मतदान से बाहर रहेगें। इतना ही नहीं कल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के एक साल पूरा होने पर उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय फोन करके तथा शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना उनके आवास पर जाकर सरकार के समारोह में भाग लेने की अपील की थी लेकिन ओमप्रकाश राजभर भाजपा के दोनों बड़े नेताओं की एक न सुनी।
कल तक अपने ही सहयोगी दल भाजपा के खिलाफ उलट बयानबाजी करके सुर्खियों में रहने वाले ओमप्रकाश राजभर मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपनी समस्याएं हैं और नाराजगी व्यक्त कर अपनी बात रख दी है। अब ओमप्रकाश राजभर यह दावा तो कर रहे हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन दिया है उनकी समस्याएं दूर होगी। इसलिए आजभर ने राज्यसभा में भाजपा के पक्ष में मतदान को हामी भी भर दी है। इतना तो तय है कि ओमप्रकाश राजभर इस समय भाजपा से गठबंधन में भाजपा पर भारी पड़ रहे हैं। तभी तो वह अपनी बात आमित शाह से करने में सफल साबित हुए। अब देखना होगा कि भाजपा उनसे किए वादों पर कितना खरा उतरती है या ओमप्रकाश राजभर आगामी चुनाव तक चुप रहते हैं या फिर बीच-बीच में अपनी समस्याएं पर भाजपा के खिलाफ पलटवार करते रहेंगे।

