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जिले में किशोरियों को बांटे गये 8 लाख निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन : सीएमओ

■ 26 मई को मनाया जाएगा ग्लोबल मेंस्ट्रूअल हाइजीन डे

मऊ 09 मई 2019 – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक के द्वारा दिए गए आदेश पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में माहवारी स्वच्छता के जागरण हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष 26 मई को ग्लोबल मेंस्ट्रूअल हाइजीन डे का आयोजन किया जाए। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत महावारी स्वच्छता प्रबंधन एक महत्वपूर्ण घटक है जिसमें 10 से 19 वर्ष की किशोरियों में महावारी स्वच्छता प्रबंधन के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में “किशोरी सुरक्षा योजना” क्रियान्वित की जा रही है। जनपद में जागरूकता हेतु राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में गुरुवार को बढ़राव ब्लॉक की आरबीएसके टीम डॉ. उम्मूल ओला द्वारा माँ सोमरी देवी चक भगवानदास स्कूल में सेनेटरी पैड निःशुल्क वितरित किया गया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ॰ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया की राष्ट्रीय किशोरी स्वाथ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र, सरकारी स्कूलों (अपर प्राइमरी से इंटर तक), आंगनबाड़ी केन्द्रों में चिन्हित किशोरियों को शासन द्वारा निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए जाते हैं। बीते वित्तीय वर्ष में कुल 8.08 लाख सेनेटरी नेपकिन जनपद के सभी 9 ब्लाकों में वितरित किए गए।
आगे सीएमओ ने जानकारी दी कि मिशन निदेशक के आदेशानुसार जनपद के कार्यरत सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग एवं समन्वय से जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर ग्लोबल मेंस्ट्रूअल हाइजीन डे की जागरूकता हेतु गतिविधियों को आयोजित करते हुए पैम्फ़लेट्स एवं बैनर के माध्यम से प्रचारित और प्रसारित किया जाए।
उन्होने बताया कि महानिदेशक स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 15 मई से पूर्व सुनिश्चित कर महावारी स्वच्छता प्रबंधन के विषय में चर्चा की जाए तथा “किशोर स्वास्थ्य दिवस” के आयोजन के संबंध में सभी को संदेश दिये जाएं।
आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर अरविन्द वर्मा ने बताया कि किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत किशोरियों को निःशुल्क वितरित किये जाने वाले सेनेटरी पैड को लेकर शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त हुये हैं। एक चैनल में जिले के स्वास्थ्य विभाग को मांग के अनुसार उपलब्ध धनराशि से क्रय किया जाता है इसके बाद जिले से ब्लॉक के पीएचसी/सीएचसी को मांग के अनुसार सीधे उपलब्ध कराया जाता है। इसकी जागरूकता एवं मॉनिटरिंग हेतु आरबीएसके टीम द्वारा किया जाएगा। साथ ही आरबीएसके टीम चिकित्सीय जांच हेतु भ्रमण करने का भी काम करेगी।

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