जिम्नास्ट में मऊ की बेटी अंतिका प्रकाश की बल्ले-बल्ले
दोहरीघाट। मऊ की बेटी ने अपने हुनर का लोहा मनवाया है वह भी बिल्कुल अलग खेल जिमनास्ट में। मऊ का नाम रोशन कर रही अंतिका प्रकाश राष्ट्रीय क्षितिज पर मऊ की पहचान के साथ साथ यूपी में का नाम भी रोशन कर रही है। वैसे तो यह कहावत पुरानी है कि बेटियों को कोई कम न आंंके, लेकिन आज कि बेटियां हर विद्या में अपने कला व कौशल का जादू बिखेर रही हैं। राजनैतिक मैदान हो या देश की सर्वोच्च नौकरी, सेना, पुलिस, चिकित्सा, खेल हो या अंतरिक्ष बेटियों ने कदम बढ़ाया तो रुकने का नाम नहीं लिया।
मऊ जनपद के ग्राम मुंंगेसर निवासी ओम प्रकाश राय की बेटी अंतिका प्रकाश राय जहाँ अपने संघर्ष के बल एक बहुत बड़ी जिम्नास्ट के रूप में उभरकर वर्तमान में नोएडा में बच्चों को योगाभ्यास के साथ जिम्नास्ट के लिये भी ट्रेनिंग दे रही हैं। अंतिका प्रकाश ने अपने जिमनास्ट के कला कौशल की बदौलत आज लोगों की चहेती बनी हुयी है। इसके साथ ही वे खेलो इण्डिया खेलो की जज भी बनी हुई हैं। मऊ के दोहरीघाट में प्रवास के दौरान प्रेस प्रतिनिधियो को सम्बोधित करते हुए अंतिका प्ररकाश राय ने कहा कि हमारे जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है बस हमें एक कोशिश करनी होगी उन्हें तराशने की। कहा कि हम पैसा बहुत कमा रहें हैं लेकिन दिन रात की आपाधापी में हमें अपने शरीर की चिन्ता नहीं है और हमारे शरीर साथ नही दे रहें हैं। आज के युग में एक्सरसाइज़, योग, वाकिंग, रनिंग या कोई ऐसी क्रिया जिससे शरीर में खिंचाव होता हो वह करना बहुत ही जरूरी है। वही प्राणायाम, अनुलोम,विलोम, कपालभाति, उज्जायी, समेत आदि योग की क्रिया ही आप को स्वस्थ व सकुशल रख सकती है। कहा कि मेरा सपना है कि हमारे जिले की पहचान खेल से भी हो वही इस जिले से भी प्रतिभायें राष्ट्रीय क्षितिज पर अपने परचम लहराये तथा मै हर सम्भव उनकी मदद कर सकूँ और मेरा प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को खेल के प्रति प्रेरित कर उन्हें एक पहचान दिलाऊंं। वही अभिभावकों को भी एक संदेश देते हुए कहा कि आप अपने बच्चों का हौसला मत तोड़िये वो खेल के तरफ रूख करते है तो उन्हे भरपूर समर्थन दिजीये चाहे क्रिकेट का मैदान हो चाहे हाकी फुटबॉल दौड़ लम्बी कूद उंची कूद जिम्नास्ट कोई भी खेल आपके बच्चे जरूर मेडल लायेगे । एक दिन निश्चित ही रास्ट्रीय क्षितिज पर अपनी पहचान बनायेंगे। महिलाओं को भी अब स्वयं स्वावलंबी होना होगा उन्हें अपनी ताकत को पहचानना होगा। मेरी सोच है कि हमारे जनपद से ज्यादा से ज्यादा बहने खेल की दुनियाँ में अपना नाम रोशन करे तथा जनपद का गौरव बढ़ाये।

