क्षेत्रीय दलों के पास कोई मुद्दा नही है, इसलिए वे धर्म, भाषा के नाम पर जनता को बांट रहे हैं : राजधारी सिंह
बिल्थरारोड/बलिया। क्षेत्रीय राजनीतिक दल के पास कोई मुद्दा नही है। वे धर्म, भाषा व छोटी-छोटी बातों को लेकर भोली-भाली जनता को आपस में बांट रही है। उनके द्वारा लोगों में जातिगत भावना उभाड़ कर वातावरण खराब करने की कोशिश की जा रही है। यह राजनीति के लिए शुभ संदेश नही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। विकास के नाम पर चुनाव होना चाहिए। तभी लोकतंत्र व देश मजबूत होगा। उक्त उदगार पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता राजधारी सिंह प्रतिष्ठित व्यवसायी दिनेश जायसवाल के आवास पर लखनऊ जाने के पूर्व व्यक्त कर रहे थे।
उन्होने केन्द्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उसका कार्य सराहनीय है। सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में देशहित में कई कठोर निर्णय लिए जिसका दूरगामी परिणाम देखने को मिल रहा है। कहा कि जहां कांग्रेस शासित यूपीए सरकार में प्रतिदिन किसी न किसी घोटाले की बात सामने आती रही वहीं श्री मोदी की केन्द्र सरकार के चार वर्षो के कार्यकाल में मंत्री परिषद के स्तर पर किसी घोटाले व आर्थिक अपराध की चर्चा मीडिया व चैनलों पर नही रही। कहा कि केन्द्र सरकार के लोककल्याणकारी कार्यो का प्रचार प्रसार जनता तक नही हो पाया है। उज्जवला योजना का लाभ गांव, गरीब व पिछड़ों तक पहुंचा है। पूर्वांचल में व्यापक पैमाने पर धान व गेंहू की खरीद हुई है। पीडीएस अनाज वितरण को भी आम जनता तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। खाद व बीज की समस्या समाप्त हो गयी है। कहा कि जहां तक उप्र की बात है तो कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त करने के लिए संकल्प व बिना भेदभाव के सख्त कदम उठाये जा रहे हैं। जिसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। दूरगामी सोच के तहत शिक्षा को नकल विहीन कराने का कार्य सराहनीय है। विपक्षियों की एकजुटता के पीछे मोदी व उनकी पार्टी को कमजोर करने की सोच है न कि देश के विकास की। कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनता इन अवसरवादियों को अवश्य सबक सिखायेगी।

