केन्द्रीय विद्यालय में दादा-दादी व नाना-नानी दिवस मनाया गया
मऊ। रिश्ते तो सभी अनमोल होते हैं, लेकिन कुछ रिश्तो की अलग ही कहानी व अलग ही रवानी होती है। रिश्तो में दादा-दादी और नाना-नानी के रिश्तो की अलग बात भी होती है मौजूदा परिवेश में यह रिश्ते हैं तो सभी आंगन में लेकिन इसमें सदियों पहले रिश्तो सा मिठास कम होता जा रहा है। आधुनिकता की भेंट चढ़ी आज की समाज की सोच, कर्म और धर्म, उन सभी दिलों में एहसास तो है लेकिन दूरियों का चलन भी बढ़ गया है। ऐसे में जब देश में तरह-तरह के दिवस, जयंती व कार्यक्रम मनाए जाते हैं उन्हीं कार्यक्रम के बीच में अगर नाना-नानी व दादी-दादी की जयंती मनाई जाए तो ऐसे पल का गुणगान भी होना चाहिए।
मऊ जनपद के केन्द्रीय विद्यालय में शुक्रवार को दादा- दादी व नाना-नानी दिवस मनाया गया। जिसमें बहुत बडी संख्या में दादा – दादी, नाना-नानी ने शिरकत किया। विद्यालय के नौनिहालों ने रंग- बिरंगे कपड़ों में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर इस अवसर को खास कर दिया। कक्षा 1 और 2 के बच्चों के कठपुतली डांस ने बुजुर्गो को भी झूमने पर बाध्य कर दिया। इस अवसर पर आए एक बुजुर्ग शिवजी प्रसाद वर्मा ने परिवारों में बुजुर्गों की अनदेखी पर अपने दिल का दर्द बयां किया । विशिष्ठ अतिथि दिनेश कुमार सिंह ने अपने बहुमूल्य सुझावों से मार्गदर्शन किया मुख्याध्यापक बच्चन प्रसाद ने अपने स्वागत भाषण में ही बुजुर्गों की अहमियत को उजागर किया।
कार्यक्रम का संचालन अरविन्द शाही और शाहिद अख्तर ने बहुत कुशलता से किया और विभिन्न सामाजिक. पारिवारिक उदाहरणों द्वारा बुजुर्गों के सम्मान और महत्व को उजागर किया कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य राम प्रवेश ने किया। कार्यक्रम का समापन चन्द्रिका यादव के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

