एम्बुलेंस टीम एनटीजन टेस्ट के बजाय कर रहीं नीमा चिकित्सकों का उत्पीड़न
(पवन कुमार पाण्डेय)
मधुबन । कोरोना टेस्ट के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के निर्देश के बाद एक एनजीओ द्वारा संचालित भीड़ भाड़ वालें स्थानों पर एनटीजन टेस्ट करनें के लिए एम्बुलेंस टीम लगाई गई है । लेकिन एम्बुलेंस टीम निजी चिकित्सकों के अस्पतालों एवं क्लीनिक पर पहुंच कर एनटीजन टेस्ट के बजाय चिकित्सकों की डिग्री एवं अस्पताल के मानक को चेक करतें हुए चिकित्सकों का उत्पीड़न करनें में जुटी है । उक्त बातें बुधवार को नीमा संगठन के ब्लाक अध्यक्ष फतहपुर मंडाव डा. रविन्द्र सिंह ने संगठन द्वारा आहुत बैठक को संबोधित करते हुए कहाँ । आगें उन्होंने कहाँ कि कोरोना काल में नीमा संगठन के निजी चिकित्सकों ने अपनी परवाह किए बगैर शासन प्रशासन के सहयोग के लिए आगें आए तथा अभी भी कोरोना के जंग को जारी रखें हुए है । कोरोना के कारण कई निजी चिकित्सकों ने अपनी जान गवा दिया । बैठक को संबोधित करते हुए डा.कैलाश मौर्य ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के द्वारा भीड़ भाड़ वालें स्थानों पर एनटीजन टेस्ट करनें की जिम्मेदारी एक एनजीओ को दिया है । एनजीओ एम्बुलेंस टीम के जरिए एनटीजन टेस्ट करवा रहीं है लेकिन एम्बुलेंस टीम नीमा चिकित्सकों की डिग्री एवं अस्पताल का मानक जांच कर चिकित्सकों का उत्पीड़न करनें में जुटे है । जिसको नीमा संगठन कभी बर्दाश्त नहीं करेगा । डा.नासिर अली एवं डा.राशिद उस्मानी ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि नीमा चिकित्सकों का उत्पीड़न रोका नहीं गया तो संगठन आन्दोलन के लिए बाध्य होगी । इस अवसर पर डॉ.उमेश कुमार , डॉ. इज़हार अहमद, डॉ.अमरनाथ सिंह, डॉ.अशरफ अली, डॉ.शकील अहमद, डॉ.जमील अहमद, डॉ. उमेश गुप्त, डॉ.एस पी पाण्डेय, डॉ. आबिद हकीम, डॉ. एम ए उस्मानी, ज़ुबैर अहमद आदि रहें।

