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स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया विश्व गर्भनिरोधक दिवस

■ जन जागरूकता के माध्यम से परिवार नियोजन के प्रति व्यवहार परिवर्तन जरुरी : CMO

मऊ। जनसंख्या स्थिरता के उद्देश्य से शनिवार को जनपद में ‘विश्व गर्भनिरोधक दिवस’ मनाया गया । इस क्रम में जनपद के स्वीकृत 80 हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर में से क्रियाशील 43 हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर तथा 19 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी), तीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (यूपीएचसी) सहित राजकीय अस्पतालों पर गर्भनिरोधक दिवस का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान गर्भ निरोधक साधनों के प्रति जानकारी बढ़ाने, युवा दम्पति को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर सूचित विकल्प देकर परिवार के प्रति निर्णय लेने के लिये सक्षम बनाने का काम किया गया ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि राजकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी स्वास्थ्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं को विश्व गर्भनिरोधक दिवस के महत्ता की जानकारी दी गई। ‘परिवार नियोजन के लिए व्यवहार परिवर्तन जरूरी’ को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। गर्भ निरोधक साधनों की मौजूदगी के बाद भी अनचाहे गर्भधारण की स्थिति विभाग की मंशा अनुरूप ठीक नहीं है जिसको और बेहतर बनाने के लिए जन जागरूकता के माध्यम से व्यवहार बदलना जरुरी है जिसपर विशेष बल दिया जाना है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) एवं नोडल अधिकारी डॉ पीके राय ने बताया कि विश्व गर्भनिरोधक दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी आधुनिक परिवार नियोजन के साधनों विशेषकर आधुनिक अन्तराल विधियों का स्टाल लगाकर प्रदर्शन किया गया। वहीं परिवार नियोजन के सूचित विकल्प देने हेतु राजकीय अस्पतालों पर परामर्श सत्रों का आयोजन किया गया। नवदंपत्ति को बताया गया कि पहले बच्चे के लिए दो साल का समय देना चाहिए। वहीं दूसरे बच्चे के लिए पहले और दूसरे बच्चे के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए। अनचाहे गर्भ से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास “बास्केट ऑफ़ च्वाइस” मौजूद है, लोग अपनी सुविधा अनुसार उसमें से कोई भी साधन अपना सकते हैं जिससे अनचाहे गर्भ धारण की समस्या से बचने के साथ ही माँ-बच्चे की मुस्कान भी बनी रहे।
डॉ राय ने बताया कि अन्तरा इंजेक्शन अपनाने वाली महिलाओं की मदद के लिए अंतरा केयर हेल्पलाइन (1800-103-3044) पर तैनात काउंसलर जब फोन करती हैं तो लाभार्थी बेहिचक अपनी सारी समस्याओं पर बात करती हैं। अंतरा केयर लाइन सातों दिन सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक चलती है। व्यवहार परिवर्तन जरूरीपरिवार नियोजन को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन की बात कही।

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