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सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आईपीएस जसवीर सिंह को बहाल करने की उठायी मांग

मऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आईपीएस अधिकारी जसबीर सिंह को निलंबित करने के बाद  मऊ सहित अन्य जनपदों के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने  देश के राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग के मुखिया एवं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को पत्र भेजकर बहाल करने की अपनी गुहार लगाई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा है कि उन्हें समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चैनलों के माध्यम से पता चला है कि आईपीएस अधिकारी जसबीर सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी कारण के ही निलंबित कर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा है आईपीएस अधिकारी जसवीर सिंह ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों की जितनी भी सराहना की जाए कम है। लोगों ने कहा कि जसवीर सिंह पद संभालने के बाद ही अब तक बहुत सारे घोटालों की जांच से लेकर जनता के हित में कार्य किए हैं। उनके द्वारा भ्रष्टाचार और कालेधन की वापसी हेतु माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ी तथा एसआईटी का गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय में रिट दाखिल करवाया गया। देश में चल रही गंदी राजनीति व पैसे के बल पर चुनाव लड़ने के विषय में उनके द्वारा लड़ाई लड़ी गई थी। जिसके कारण अमर सिंह जैसे नेता को भी जेल जाना पड़ा। लोगों ने कहा कि उनके द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ी गई जिसके कारण कोल ब्लॉक का आवंटन निरस्त किया गया। उनके द्वारा पीजे थामस के नियुक्ति पर भी सवाल उठाया था और पीजे थामस को अपने पद से हटना पड़ा था।
जब फायर सर्विस में आईजी पद पर कार्यरत थे। तब उनके द्वारा अपने सीनियर अधिकारियो व सम्बन्धित मंत्री के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गयी थी। तब उनको फायर सर्विस से हटाकर होमगार्ड विभाग दे दिया गया था। उनके द्वारा होमगार्ड विभाग में भी हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत होमगार्ड मंत्री के विरुद्ध किया गया एवं विधिक कार्यवाही भी की गई तो उनका स्थानांतरण रूल्स एंड मैनुअल में कर दिया गया। जिसके कारण उत्तर प्रदेश के मंत्री के साथ ही साथ मुख्यमंत्री भी उनसे नाराज हो गए और उनको निलंबित कर दिया गया है जो कि अनुचित है। लोगों ने कहा कि अगर ऐसे ही ईमानदार अधिकारियों को निलंबित किया जाता रहेगा तो भारत में कौन अधिकारी ईमानदारी से काम करेगा। लोगों ने एक स्वर में कहा कि देश में आचार संहिता लागू है ऐसे ईमानदार अधिकारी को सेवा में रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति, भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्यपाल से जसवीर सिंह को तत्काल बहाल करने की मांग की ताकि 2019 के लोकसभा में उनके ईमानदार छवि से उनके कार्य करने की शैली से निष्पक्ष चुनाव में मदद ली जा सके।
मांग करने वालों में प्रमुख रूप से अभिषेेेक कुमार सिंह, मनोज जायसवाल, विवेक सिंह, संतोष मिश्रा, विशाल पांडेय, एपी सिंह, अभिषेक कुमार पांडेय, मंतोष पांडेय, विष्णु मद्धेशिया, अंशुमान सिंह, रत्नेश, सर्वेश, अमरजीत, राकेश पांडेय, सुभाष राम, अभिमन्यु सिंह, विजय सिंह, विकास कुशवाहा, राकेश सिंह, अरुण सिंह, दिवाकर दुबे, सूबेदार, राम अवध राम, विष्णु पाण्डेय आदि शामिल रहे।

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