विश्व हिन्दू परिषद ने धर्म रक्षा निधि कार्यक्रम का किया आयोजन
मऊ। जिले के मधुबन विधान सभा क्षेत्र के पहाड़ीपुर गॉव में विश्वहिन्दू परिषद का “धर्मरक्षा निधि कार्यक्रम” का आयोजन हुआ। जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर “धर्म रक्षा निधि” का समर्पण किया। इस कार्यक्रम में हिन्दू समाज के उत्थान व हिन्दू समाज के संगठित करने परिप्रक्ष्य में उत्प्रेरित करने के साथ ही धर्मान्तरण रोकने व लवजिहाद के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के मुख्यवक्ता विश्वहिन्दू परिषद के प्रान्त सह संगठन मंत्री राजेश ने कहा कि 800 वर्षों की मुगलों की गुलामी तथा 200 वर्ष अंग्रेजी की गुलामी के बाद हिन्दू संघर्ष करना भूल सा गया था। 1925 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना संघ के प्रथम सर संघचालक डा0 हेडगेवार ने की। संघ और साधू सन्तों ने महसूस किया कि विश्व के 80 देशों में निवास करने वाले हिन्दू समाज की सुरक्षा एवं उनके हितों की रक्षा के लिए एक सशक्त विश्वव्यापी हिन्दू संगठन के निर्माण की आवश्यकता है। इसी आवश्यकता के ध्यान मे ंरखते हुए मुम्बई के गुरू संदीपनी आश्रम में देश भर के 500 साधु सन्तों की उपस्थिति में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वितीय सर संघ चालक गुरू गोलवलकर ने 1964 में “विश्व हिन्दू परिषद” की स्थापना की। तब से आज 54 वर्ष हो गये। विश्व हिन्दू परिषद और हिन्दुत्व के लिए कृतसंकल्प है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिपाठी ने कहा ब्राम्हणों ने पूरे हिन्दू समाज का मार्गदर्शन किया और सभी जातियों में सामाजिक समरसता स्थापित करने का प्रयास किया। विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने हिन्दुओं की सुरक्षा व संरक्षण के लिए समय-समय पर आगे बढ़कर संघर्ष किया है।
जिला कार्याध्यक्ष भानु प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद अपने संघर्षों के कारण दुनिया के हिन्दुओं का एक मात्र प्रतिनिधि संगठन है।
इस अवसर पर श्री राम पाण्डेय, नमोनारायन त्रिपाठी, अनीता राय, तारकेश्वर जायसवाल, अभिषेक भारद्वाज, प्रकाश सरोज, घनश्याम पाण्डेय, आदि वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता सुनील कुमार मिश्रा व संचालन रामकृष्ण भारद्वाज ने किया।
