लूट गया ज़हरा का घर कर्बला के दस्त में
●नम आंखों से दी गई कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि
घोसी/मऊ। घोसी नगर के बड़ागाव में 10 वीं मोहर्रम का जुलुस ग़म व मातम के बीच पूरे परंपरागत तरीके से शुक्रवार की शाम को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सदर इमाम बारगाह पर आकर समाप्त हुआ।
इस अवसर पर अंजुमनों ने नौहाख्वानी की और अक़ीदतमन्दो ने व छुरी,जंजीर का मातम पेश कर कर्बला के शहीदों को खेराजे अक़ीदत पेश किया। अंजुमनों ने जब कर्बला के शहीदों की याद में नौहाखानी की तो वहा मौजूद हर शख्स की आखे नम हो गयी। सदर इमाम बारगाह पर शबीहे ताबूत, अलम ए मोबारक एव सभी ताजियों को दफन कर दिया गया।
घोसी नगर में 10 वीं मोहर्रम का जूलूस शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ने के बाद अज़ाखाने अबुतालिब से शबीहे ताबूत इमाम हुसैन(अ) एव बाजार स्थित इमाम चौक से ताज़िया का जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर अंजुमन मसुमिया कदीम,अंजुमन इमामिया.दस्तए मसुमिया, अंजुमन तंज़ीमुल हुसैनी, अंजुमन मसूमिया रजिस्टर्ड , अंजुमन मसूमिया आदि ने नोहा खानी किया।
उधर शबीहे ताबूत व अलम के जुलूस में अंजुमन सज्जदिया ने नौहा पढ़ा जिसे सुनकर लोग ज़ारो कतार रोने लगे।
कहा सै ने रो रो के ऐ कर्बला ज़ईफी में कोई सहारा नही
ग़रीबुल वतन हु वतन दूर इस आलम में कोई हमारा नही
फ़ातेमा के चैन इब्ने मुर्तज़ा, ऐ गरीबे कर्बला अलविदा
जुलूस अपने रिवायती अंदाज़ में राष्ट्रीय राज मार्ग स्थित सदर इमाम बारगाह पर 4 बजे समाप्त हुआ।
उधर ताज़िया का जलूस धीरे धीरे बढ़ते हुए अब्बासी बीबी के अज़ाखाने तक पहुचा वहां पर अज़ादरो ने जंजीर का मातम किया। हाय हुसैन, या हुसैन की सदाओ से पूरा माहौल ग़मगीन था। सदर इमाम बारगाह पर जब ताज़िया पहुचा तो वहां देर से मौजूद हिन्दू महिलाओं ने अपनी मन्नते उतारी और बड़े ताज़िया के नीचे से गुजरती रही जब सारी महिलाएं गुज़र गयीं तब ताज़िया आगे बढ़ा और मातम करने के बाद दफन हुआ।
मग़रिब की नमाज़ के बाद जाफरी अज़ाखाने से शामे ग़रीबा का जुलूस बरामद हुआ। मौलाना नसीमुल हसन ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन को शहीद कर दिया जाता है तो उस के बाद फौजे यज़ीद ख्यामे हुसैनी में आग लगा देती है और बीबियों के सरो से चादरें छीन ली गयी। इमाम के सर को नोकें नैज़ा पर बुलन्द किया गया। तारीखे इस्लाम की इस अज़ीम क़ुरबानी की याद में ये जुलूस अज़ा व अलम ए मोबारक निकाला जाता है। इस अवसर पर सय्यद असग़र इमाम, सय्यद नज़र हैदर, सलमान, अख्तर इमाम, इश्तेयाक हुसैन, हाजी ग़ज़नफर अब्बास, मोज़ाहिर हुसैन, शफ़क़त तक़ी, शहादत हुसैन, आसिफ अली, तफहीम हैदर, राजा एलिया, तनवीर अब्बास, फैजी, कमर अब्बास, बाबू असग़र, नसीम हैदर, साबिर अली, नूर मोहम्मद, जावेद अख्तर, काज़िम हुसैन, अमजद अली एव हज़रो हज़ार की तादाद में अक़ीदत मन्द उपस्थित रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 9 मोहर्रम की रात भर एव 10 मोहर्रम को भारी संख्या में पीएसी बल एव कोतवाल परमानंद मिश्रा मय हमराही धर्मेंद्र, शकील एव अतुल, एसएसआई रमेश चंद यादव, एसआई अवधेश यादव, एसआई सविंदर राय मय हमराही, जागेश्वर, अशुतोश भर्मण करते हुए पल-पल की गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाये हुए थे।


