महान क्रांतिकारी महर्षि अरविंद घोष को किया गया नमन्
दोहरीघाट। शारिरिक दूरी के मानक के साथ सामाजिक राजनैतिक एवं व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कस्बे में महान क्रांतिकारी महर्षि अरविंद जी के 148वें जन्म दिन को सादगी पूर्ण पर बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाया। इस मौके पर मिष्ठान वितरण के जरिए लोगों का मुंह मीठा कराकर जन्म दिवस का जश्न जोरदार ढंग से मनाया गया।

प्रतीकात्मक संगोष्ठी में समलित राष्ट्र भक्तों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर आजादी की लड़ाई में उनके द्वारा दिए गए योगदान और किये गये त्याग को बड़ी तसल्ली से याद किया।
उपस्थित लोगों के बीच कार्यक्रम के संयोजक व बरिष्ठ पत्रकार अजितराज राय ने कहा कि देश के महान क्रांतिकारियों में से एक महर्षि अरविंद जी देश में आध्यात्मिक क्रांति के पहली चिंगारी थें। उनके आह्वान पर हजारों नौजवानों ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए हंसते हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। शस्त्र क्रांति के पीछे उनकी ही प्रेरणा थी। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के साथ मिलकर देश के गरमपंथी विचार धारा को बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने देश को आजाद कराने के लिए जो त्याग किया वह अविस्मरणीय है। उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना को देखते हुए तिरंगा संदेश यात्रा को इस बार स्थगित करना पड़ा।
उक्त अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय राय ऊर्फ बंटी राय, लोकप्रिय शिक्षक गोपाल चौबे, ब्यापारी नेता शिवकुमार जायसवाल, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संतोष राय, प्रधान अमीचंद यादव, डॉक्टर रामसूरत यादव, सुबाष मौर्या, विकास वर्मा व मनोज यादव आदि लोगों ने चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
