तहसील स्थापना के 23 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेल रहा है बिल्थरारोड
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड/बलिया। स्थानीय तहसील की स्थापना के 23 वर्ष पूर्ण होने के बावजूद आज भी स्थानीय स्तर पर फायर विग्रेड, सीओ सर्किल व 132 व 33 केवीए का विद्युत सब स्टेशन का अभाव है। इसके चलते जहां लोगों में निराशा की स्थिति है। वहीं अनेक आवश्यक कार्यों के लिए उन्हे अब भी रसड़ा जाने को मजबूर होना पड़ता है। 1994 में अस्तित्व में आये इस तहसील के क्षेत्रवासियों को अब भी मूलभूत सुविधाओं का इन्तजार है।
बिल्थरारोड को तहसील घोषित हुए 23 वर्ष होने के बावजूद जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते यह मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। एक तरफ जहां इसके साथ ही तहसील घोषित होने वाले सिकन्दरपुर में सीओ सर्किल व 132 व 33 केविए विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हो चुकी है वहीं सन 1994 में रसड़ा से अलग होने के बाद अस्तित्व में आया बिल्थरारोड तहसील में आज भी लोग सीओ आफिस, फायर स्टेशन के लिए रसड़ा तथा 132 व 33 केविए विद्युत उपकेन्द्र के लिए करमौता, सिकन्दरपुर, रसड़ा व मऊ पर निर्भर है। इन तीनो विद्युत केन्द्रों की दूरी बिल्थरारोड से लगभग 25 किमी होने के चलते विद्युत फाल्ट की स्थिति मे क्षेत्रीय लोगों को जहां पुनः विद्युत आपूर्ति के लिए 24 घंटे इंतजार करना पड़ता है। वहीं 132 व 33 केवीए के विद्युत उपकेन्द्र के न होने से भविष्य में इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में भी विकसित नही हो सकता है। जिससे यहां के विकास पर इसका सीधा असर पड़ना तय है। तहसील क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना न होने से जहां आगलगी की स्थिति में 30 किमी दूर रसड़ा से दमकल के आने तक प्रतिवर्ष करोड़ो रूपये की सम्पति व फसल स्वाहा हो जाती है वहीं सीओ आफिस में काम के सिलसिले में क्षेत्रीय लोगों को यहां से 30 किमी दूर रसड़ा तक का सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। इस दिशा में क्षेत्रीय विधायक धनन्जय कन्नौजिया की पहल के बाद सीओ के तहसील भवन स्थित कार्यालय में सप्ताह में 3 दिन बैठने की शुरूआत तो हुई परन्तु कुछ दिनों बाद ही यह सिलसिला समाप्त हो गया। यही कारण है कि तहसील स्थापना के 23 वर्ष बीतने के बावजूद क्षेत्रीय लोग अभी भी अनेक मूलभूत सुविधा से वंचित हैं जिससे उसमें निराशा व जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है।
