गांव में बेहतर काम के लिए 24 को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों पुरस्कृत होगी बलिया की बेटी स्मृति
(आनन्द कुमार)
बलिया। कहते हैं न, करो कुछ ऐसा कि जमाना पूछे, करो कुछ ऐसा जिससे जमाना सीखें जुनून जब ना हो किसी काम में तो, फिर भला आपको जमाना क्यों पूछे। जब आपका काम अच्छा होगा, तो जमाना आपको जरुर पूछेगा और इसी को चरितार्थ कर रही है बलिया की बेटी स्मृति सिंह। बलिया जनपद के रतसर कलां गांव की बेटी स्मृति जबसे गांव की मुखिया बनी है तबसे लेकर लगातार अपने ठोस इरादे व जुनून की बदौलत गांव की तस्वीर बदलने में लगी हुयी है। अपने काम की बदौलत, जनपद और प्रदेश स्तरीय पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी स्मृति सिंह को इस बार देश के मुखिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी के हाथों सम्मानित होने जाना है।
बलिया की बेटी को यह सम्मान अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र रतसर कला में आर्थिक आय बढ़ाने व समयबद्धता के साथ काम करने पर मिल रहा है। ग्राम प्रधान स्मृति सिंह ने अपने गांव में मछली पालन व आरो वाटर कूलर प्लांट से अर्जित आय को ग्राम सभा में सही से उपयोग कर गांव के विकास व बेहत्तरी में लगाने व गांव के विकास हेतु मिले अनुदान का समय से उपयोग, आडिट और सभी कामों की समय से फिडिंग कराने के नाम पर मिल रहा है। इसके अलावा यह ऐसी पहली ग्राम सभा है जिसमें प्रधान स्मृति सिंह ने स्वयं डोर टू डोर जाकर सर्वे किया तथा मिशन अंत्योदय, पंडित दीनदयाल ज्योति ग्राम योजना और मुख्यमंत्री समग्र ग्राम भी ग्राम विकास योजना में रतसर कला गांव को शामिल कराया।
यह पुरस्कार 24 अप्रैल को जबलपुर मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के हाथों दिया जाएगा। जो हर वर्ष पंडित दीनदयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के नाम पर दिया जाता है। इस पुरस्कार के लिए स्मृति सिंह का चयन बलिया से अकेले हुआ है। इस पुरस्कार के लिए पूरे उत्तर प्रदेश से विभिन्न जनपदों से 31 ग्राम पंचायत प्रधान चुने गये हैं। बलिया की बेटी को इस सम्मान से नवाजे जाने की खबर मिलते ही गांव सहित पूरा जनपद गदगद है लोगों का कहना है कि यह गर्व की बात है की गांव की बेटी प्रधानमंत्री से सम्मानित होने जा रही है।
स्मृति सिंह ने बताया कि वे बहुत खुश हैं कि उन्हें वर्तमान में भारत के राजनीति के शिखर पुरुष प्रधानमंत्री मोदी के हाथों सम्मानित होने जाना है। स्मृति सिंह ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं मेरे पूरे गांव का है, मुझे ताकत व हिम्मत देने बाले हर उस शख्स व जनपद के हर अधिकारी का है जो समय समय पर मेरा मार्गदर्शन करते रहते हैं। कहा कि गांव की तस्वीर बदलने के लिए वे जी जान से लगी हुई है। जनता ने उन्हें गांव की तरक्की के लिए वोट दिया है वह उनके ऊपर कर्ज के रुप में है और इसलिए वे अपना फर्ज निभाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसलिए गांव की बेहतरी और विकास के लिए हर एक मुश्किल का सामना करके गांव के विकास के लिए कटिबद्ध है वह सदैव कुछ नया करने की सोचती व करती रहती हैं।
