उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी किसान, मजदूर, बुनकर विरोधी कानून व बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
मऊ। उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी लाल बाबू दुबे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार की जनविरोधी किसान मजदूर विरोधी कानूनों, बुनकर विरोधी तथा बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश किसान सभा के राज्य कौंसिल सदस्य राम नारायण सिंह ने बताया कि 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान किसानों से किए गए वायदों को केंद्र सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया है। सरकार द्वारा किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप लागत का डेढ़ गुना दाम देने का वायदा किया था पर ऐसा कुछ नहीं हुआ बल्कि मंडी में बैठे दलाल किसानों को लूटने का काम कर रहे हैं। कहा कि पचास प्रतिशत किसानों को उनकी लागत के अनुसार मूल्य नहीं मिल पा रहा है। दिए गए ज्ञापन में किसान सभा के जिला सचिव गुफरान अहमद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए किसान विरोधी तीनों अध्यादेश तुरंत वापस लिए जाएं, बिजली बिलों में हुई बढ़ोत्तरी को वापस करने की मांग की। किसानों की फसल की खरीद को सुनिश्चित कर खरीद की गारंटी देने, श्रम कानून में किए गए बदलाव तत्काल वापस लेने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। किसान नेता शेख हिसामुद्दीन ने कहा कि फसल बीमा योजना लागू किया जाए तथा बढ़ती बेरोजगारी को रोका जाए। इस मौके पर पंचदेव मौर्य, अनिस अहमद, महातम चौहान, लाल बचन खरवार, अली मुहमद, एकराम आदि रहे।

