शारदा नारायण हास्पिटल में 18 मार्च को निःशुल्क कैंसर परामर्श व जॉच शिविर डा० संजय सिंह
मऊ। शारदा नारायन हास्पिटल में शारदा नारायन वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में शुक्रवार कोआयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए डा0 संजय सिंह ने कहा कि 18 मार्च 2018 दिन रविवार को निःशुल्क कैंसर परामर्श व जॉच शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में डा० सुहास आग्रे एम०डी०,डी०एम० व डा० अमित बी० चक्रबोर्ती, एम० एस०,एम०सी०एच० टाटा मेमोरियल हास्पिटल एवं एसीयन कैंसर इस्ट्टियूट ,मुम्बई के डाक्टर निःशुल्क परामर्श शारदा नारायन हास्पिटल में देंगें। यदि आपको स्तन कैंसर ,गर्भाशय गी्रवा का कैंसर ,मुॅह का कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, फेफडे़ का कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर,हड्डी का कैंसर,गले का कैंसर, लिवर का कैंसर, ब्रेन का कैंसर, किडनी का कैंसर आदि का कैंसर हो तो इस निःशुल्क शिविर का लाभ अवश्य उठायें। विश्व में कुल दो करोड लोग कैसर से पीड़ित है भारत में कैंसर से मरने वाले व्यक्तियों में 34 प्रतिशत लोग धुम्रपान व तम्बाकू के सेवन करने वाले होते है डा0 सिंह ने बताया कि जैसे जैसे हमारा जीने का लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे वैसे हम नये नये बिमारीयो को जन्म दे रहे है इसका सबसे बडा कारण खाने पीने में बदलाव, रहन सहन में बदलाव । कैंसर एक घातक व जानलेवा बिमारी है कैसर के मरीज जल्दी ठीक नहीं होते क्योकि इसके लक्षणों का पता देरी से चलता है अगर समय रहते इस बिमारी का पता नही चला तो ये बिमारी एक भयावह रूप धारण कर लेती है। शरीर में 100 से 1000 खराब सेल्स होती है हर समय हमारे शरीर में नये सेल्स का निर्माण और पुराने सेल्स समाप्त भी होते है पर कैंसर होने पर लाल व सफेद रक्त कोशिकाओं का संतुलन बिगड जाता है और सेल्स का कंट्रोल बिगड जाता है जो कैंसर का रूप धारण कर लेता है। आगे डा0 सिंह ने कैंसर के कारण के बारे में बताया की नशा सेवन करना जैसे गुटखा, खैनी, शराब, बीडी, सिगरेट आदि तथा महीलाओं में ज्यादा गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल से कैसर होता है, मुहँ में छाले पडना,मुहँ का पुरी तरह से न खुलना,लगाता खांसी आना व खांसी में खुन आना,खून की कमी होना,महीलाओं के ब्रेस्ट में गाँठ होना,आदि कैंसर के प्रमुख लक्षण है। आगे डा0 सिहं ने कहा कि महिलाए प्रायः डाक्टर के पास तब तक नही जाती जब तक की कैंसर एक बडी रूप ना लेले।इसके अतिरिक्त कभी कभी कैंसर ग्रस्त महिलाओं कों श्राप पीड़ित मानकर उनके परिवार वालो द्वारा उनका त्याग कर दिया जाता है लोगो में मिथक है कि कैसर एक छूत की बिमारी है जो पूर्णतहः गलत है। अतः कैसर के प्रति हमें जागरूक रहने की अवश्यकता है ताकी हम इसके प्रारम्भिक लक्षणों को पहचान कर उचित समय में इसका इलाज करा सके। सी0के0 फांउडेशन के माध्यम से गरीब कैंसर पीड़ित मरीजो का इलाज निःशुल्क किया जाएगा तथा महीने में एक दिन कैंसर स्पेश्लिस्ट अस्पताल के डाक्टरों द्वारा ओ0पी0डी0 करायी जाएगी। डा0 सुजीत सिंह ने बताया कि जागरूकता अभियान को समय समय पर चलाते रहा जायेगा जिससे की इस कैंसर बिमारी से लोगो को बचाया जा सके और उन्होने बताया कि शारदा नारायन हास्पिटल में बहुत जल्द कीमोथेरेपि की सुविधा शुरू होगी।

