विधि विधान से हुई वाग्देवी की पूजा अर्चना
बिल्थरा रोड /बलिया। स्थानीय नगर में गायत्री परिवार द्वारा संचालित बाल संस्कार शाला में रविवार को वसंत पंचमी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। एमआरडी सैनिक विद्यापीठ में संचालित उक्त संस्कारशाला में विधि विधान के साथ मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। अभिनय शर्मा आचार्य ने शिक्षा, साक्षरता, विद्या और विनय के इस पर्व पर व्यापक प्रकाश डाला। वैदिक मंत्रों के द्वारा छात्रों ने सरस्वती पूजन के अलावा वाद्ययंत्र पूजन, मयूर पूजन व वसंत पूजन का कार्य श्रद्धा भाव से संपन्न किया। गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता मोहन प्रसाद मध्येशिया ने कहा कि माता सरस्वती के हाथ में वीणा एवं उनका वाहन मयूर है। जिसका तात्पर्य है कि हम लोग मृदुभाषी बने। मीठा, नम्र, विनीत, सज्जनता, शिष्टता और आत्मीयता युक्त संभाषण हर किसी से करें। कहा कि जीव को कड़वा, दृष्ट, व अशिष्ट बोलने की आदत कदापि नहीं डालनी चाहिए। माता सरस्वती के वाहन मयूर को प्रकृति ने कलात्मक और सुसज्जित बनाया है। हमें भी अपनी अभिरुचि परिष्कृत करना चाहिए। इससे हमारे ज्ञान में अभिवृद्धि होगी। इसी क्रम में वसंत पंचमी पर्व भी मनाया गया। इस अवसर पर संस्कारशाला के बच्चों ने नवसृजन ईश्वरीय योजना की अनुसरण करने के क्रम में आत्म निर्माण, परिवार निर्माण व समाज निर्माण के कार्यों में नियम निष्ठा पूर्वक सहयोग प्रदान करने के लिए संकल्प लिए। इस अवसर पर हिमांशु शर्मा, प्रियांशु, गौरव, गुंजन, अमरजीत, राजवीर, वैभव, विभव आदि उपस्थित रहे।

