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माइक्रो फाइनेंस संस्थानों द्वारा कर्ज वसूली पर 31 मार्च तक लगे रोक : बसंत


● भाकपा (माले) और ऐपवा ने प्रदर्शन कर मनाया राष्ट्रव्यापी “कर्जमुक्ति दिवस”

मऊ। माइक्रो फाइनेंस संस्थानों द्वारा कर्ज/ किस्त वसूली पर 31 मार्च तक रोक लगाने,स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का सामूहिक कर्ज माफ करने, समूह की सभी महिलाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर भाकपा (माले) और ऐपवा ने प्रदर्शन कर मनाया राष्ट्रव्यापी “कर्जमुक्ति दिवस”।
भाकपा (माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि मोदी -योगी सरकार ने करोना संक्रमण काल में किसी भी तरह की कर्ज वसूली नहीं की जाएगी का वादा किया था। स्कूलों, मकान मालिकों,को फीस /किराया नहीं लेने का आदेश था। लेकिन आपदा में अवसर की घोषणा के बाद जनता फाइनेंस कंपनियों/बैंकों, मकान मालिकों, स्कूल प्रबंधकों के उत्पीड़न का शिकार हो रही है उन्होंने कहा कि मोदी ने करोना काल के दौरान देश के बड़े कारपोरेट घरानों का लाखों-करोड़ों कर्जा बट्टे खाते में डाल दिया दूसरी तरफ गांव की गरीब मजदूरों से माइक्रो फाइनेंस बैंक जबरदस्ती कर्ज वसूली का अभियान चला रहे हैं, करोना के दौर में सारे काम ठप्प पढ़े हुए है, कहीं कोई रोजगार नहीं है,आम जनता को घर परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को शिक्षा का अधिकार की जिम्मेदारी से अपना पीछा छुड़ा रही हैं, और इसका बोझ वह अभिभावकों के कंधों पर ही थोप रही है। कुल मिलाकर यह “नई शिक्षा नीति 2020 “आने वाली पीढ़ियों को स्किल (कौशल) के नाम पर बहिष्करण, शोषण और शिक्षा के बाजारीकरण की नीति है।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से विनोद कुमार रामनवल, शिव मूरत गुप्ता, फतेह बहादुर यादव, कल्पनाथ, कामरेड शीला, ओम प्रकाश, शिवकुमार राजेंद्र, चंद्रशेखर चौहान, साधु यादव, कविंद्र आदि शामिल रहे।

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