मऊ और अटल…मौका मिलने पर हास परिहास से नहीं चूकते थे अटल जी
(वेद मिश्रा)
मऊ। भारतीय राजनीति में लगभग सभी पार्टियों द्वारा सम्मान की नजर से देखे जाने वाले भाजपा के युगपुरुष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई मौका मिलने पर कार्यकर्ताओं से हंसी मजाक वह हास परिहास से नहीं चूकते थे।
भारतीय जनता पार्टी मऊ जनपद के पूर्व जिला अध्यक्ष वर्तमान में सदस्यता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मुन्ना दुबे ने पूर्व की घटनाओं का स्मरण करते हुए बताया कि लगभग दो दशक पूर्व नगर के हिंदी भवन के पीछे अटल बिहारी बाजपेई जी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे जिसमें कार्यकर्ताओं की उत्साही भीड़ मंच पर आ जाने से मंच हिलने लगा तब अटल जी खुद अपने भाषण के दौरान ही चुटकी लेते हुए बोले कि मंच है या मचान इसके लगातार हिलने से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे मैं किसी मचान पर हूं तब उपस्थित श्रोताओं की हंसी से पूरा जनसभा गूंज उठा इसके बाद मंच पर विराजमान अतिरिक्त कार्यकर्ता व नेता धीरे-धीरे मंच से उतरे।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर वर्ष 2012 को अटल जी के जन्मदिवस पर उनका हालचाल लेने उनके आवास पर दिल्ली पहुंचे जहां सुषमा स्वराज भी मौजूद थी। उस समय राष्ट्रपति भवन से श्री अटल जी के जन्मदिवस पर शुभकामना हेतु गुलदस्ता भेजा गया, जहां बाहर सुरक्षा कर्मियों द्वारा गहन जांच करने के विषय को लेकर भी अटल जी अपने कक्ष में ही हंसी मजाक से नहीं चूके। कार्यकर्ताओं के साथ उनका अविरल प्रेम व खास लगाव लोगों को भूले नहीं भूलता। स्थिति यह है कि आज जब अटल जी की तबीयत काफी खराब है ऐसे में जनपद मऊ में भी लगभग सभी दलों और सभी धर्म संप्रदाय के लोगों द्वारा ईश्वर से उनके स्वास्थ्य को ल लेकर प्रार्थना की जा रही है, व जगह जगह केवल अटल जी को लेकर ही चर्चाएं चल रही हैं।

