गाजीपुर के बुढ़वा शिव मंदिर पर रूद्र महायज्ञ का आयोजन
गाजीपुर। जनपद के असावर स्थित बुढ़वा शिव मंदिर पर 5 फरवरी से 11 फरवरी तक रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया है। अयोध्या से आये संत महामडंलेश्वर श्री शिवरामदास फलहारी बाबा के सानिध्य मे सोमवार को गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गयी। जिसमे सैकड़ो महिला पुरूष हाथों मे कलश लेकर चल रहे थे। इस कलश यात्रा में भारी संख्या में दो पहिया एवं चार पहिया से लोग जय-जय कार करते हुये चल रहे थे। यह कलश यात्रा दुबिहां बाज़ार से दुबिहां मोंड, करीमुद्दीन पुर राजापुर परसा रघुबरगंज मुहम्मदाबाद होकर सुल्तान पुर गंगा तट पर पहुंची।कलश में गौसपुर स्थित गंगा तट से जल भर कर परसा मोंड से बाराचंवर ब्लाक मुख्यालय होकर असावर में आयोजित यज्ञ स्थल पर पंहुच कर मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थपित हुआ। उपस्थित लोगों को अपने मुखारविंद से मानस रूपी ज्ञान गंगा के रस से अभिसिंचित करते हुवे महामडंलेश्वर शिवरामदास फलहारी बाबा ने कहा की श्री रूद्र महा यज्ञ के कलश यात्रा के माध्यम से परिक्रमा प्रणाम और प्रसाद प्राप्त होता है और इसके द्वारा दैहिक दैविक तथा भौतिक ताप संताप परिताप तीनो कष्ट कम होता है। गंगा विष्णुपदी है इसलिए स्नानार्थी का चरण पड़ते ही विष्णु ,जटा शंकरी है इसलिए डुबकी लगाते ही शिव का रूप तथा कमण्डल या कलश में गंगा जल लेकर चलने पर ब्रम्हा का रूप प्रदान करती है ।गंगा की अविरल धारा हम सब को निरन्तर कर्म की प्रेरणा देती है । गंगा की शुद्धता अवगुणों से दूर रहते हुए भक्ति परोपकार दुसरो की सहायता करुणा का संदेश देती है।गंगा हरिद्वार से चलकर प्रयाग होते हुए सभी बाधाओं का सामना करते हुए सागर में समाहित होकर सागर बन जाती है वैसे ही हम मनुषयो के जीवन में विश्वास के साथ कर्म हो तो कठिनाइयों के बावजुद भी लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। कलयुग में कर्म युक्त विस्वास ही फल बन जाता है विस्वास निसंदेह हो संदेहात्मक नही होना चाहिए। संदेह शंका ही विनाश का कारण बनता है गीता में भगवान ने कहा है कि शंका युत्त जीवत्मा विनाश को प्राप्त होता है। अतः विश्वास अचल अटल और अडिग होना चाहिए।किसी भी सम या विषम परिस्थिति में चलायमान और डिगायमान नही होना चाहिए। कलश यात्रा का दुबिहां मोंड, कष्ट हरणी धाम करीमुद्दीन पुर, परसा हनुमान मंदिर समेत अन्य स्थानों पर लोगों द्वारा फलहारी बाबा का माल्यार्पण एवम पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।इस कलश यात्रा में मुख्य यजमान प्रदीप राय,
राम जी राय, गोविन्द राय, सर्वदेव राय, अजय राय, संतोष राय, रमा मुनि चौहान, शिव दयाल राय, लक्षमण राय, कृष्णानंद उपाध्याय, राजेश राय पिंटू शिक्षक, भाजपा नेता सम्पूर्णानन्द उपाध्याय, अरबिंद राय, अविनाश राय, शास्वत राय, गोपाल राय, भैरव राय, कृष्णा नन्द राय, श्याम बिहारी पाण्डेय समेत हजारों की संख्या में पुरूष और महिलायें शामिल रही।

