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कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत शुरु होगा ‘किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’

■ जिले के 9 विकास खंड सहित शहरी क्षेत्र में संचालित होगा कार्यक्रम
मऊ। कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्थगित की गई ‘किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ की गतिविधियां जिले में एक बार फिर से शुरू होंगी। यह गतिविधियां पूरी तरह से कोविड-19 प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने दी।
किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरके झा ने बताया कि कोविड-19 के चलते किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की गतिविधियां स्थगित चल रहीं थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब इन गतिविधियों को पुनः कोविड-19 गाईड लाईन के अनुसार प्रारम्भ करेगा। ताकि एनीमिया मुक्त भारत के उद्देश्य की पूर्ति की जा सके। उन्होने बताया कि जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों पर आयरन की नीली गोलियां (कक्षा 5 से कक्षा 12 तक के किशोर एवं किशोरियों) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के जरिए विद्यालय नहीं जाने वाली 10 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को दी जाती है। आयरन की गुलाबी गोलियां कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को दी जाती हैं।
डॉ आरके झा ने आगे बताया कि कोविड-19 के दौरान विद्यालय बंद रहने तक आयरन की नीली टेबलेट विद्यालय जाने वाले 11 से 19 वर्ष के किशोर किशोरियों को ‘ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस’ (वीएचएनडी) के दौरान टीकाकरण सत्र पर एएनएम द्वारा वितरित की जाएगी तथा विद्यालय नहीं जाने वाली 11 से 19 वर्ष की किशोरियों को आयरन की नीली गोली आगनबाडी कार्यकर्ती द्वारा दी जाएगी, साथ में उन्हें स्वच्छता, खानपान सहित अन्य परामर्श भी दिया जायेगा। इन सभी कार्यों की रिपोर्टिंग भी एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा की जाएगी। इसके सम्बंध में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से सभी ब्लॉकों एवं शहरी क्षेत्र के चिकित्साधीक्षक को पत्र के माध्यम से निर्देशित कर दिया गया है।
भरे जाएंगे रिक्त पद
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि जिले के सभी संबधित एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस बात की जानकारी दे दी गई है कि किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की गतिविधियों को वह संचालित करें। जिला अस्पताल में ‘साथिया केन्द्र’ संचलित होना है। काउंसलर का पद रिक्त है जो प्रक्रिया में है जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। यहां पर मनोचिकित्सकों के द्वारा किशोरों की काउन्सिलिंग की जाएगी।

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