विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का उच्चतम न्यायालय का फैसला सराहनीय : हरिद्वार राय
मऊ। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मऊ के जिलाध्यक्ष एडवोकेट हरिद्वार राय ने देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज एसआईआर को रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि ने उच्चतम न्यायालय ने फैसला देकर यह सिद्ध कर दिया है कि संविधान देश में अभी सर्वोपरि है, संविधान की मूल भावनाओं को कुठाराघात नहीं पहुंचाया जा सकता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत ही श्री विनोद दुआ ने अपने भावों को व्यक्त किया था जिसके चलते फर्जी ढंग से राजद्रोह का मुकदमा उनके विरुद्ध दर्ज कराया गया था आजाद देश में सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है जिस को रेखांकित करने का काम उच्चतम न्यायालय ने कर दिया। श्री राय ने कहा कि इससे पत्रकारिता का कार्य करने वाले सभी लोग निर्भीक होकर कार्य कर सकते हैं और उच्चतम न्यायालय द्वारा दिया गया आदेश जनता के लिए व लोकतंत्र के लिए देश हित में आवश्यक है। श्री हरिद्वार राय ने मऊ के समस्त पत्रकारों की तरफ से उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे पत्रकारिता की जीत बताया है।

