11 सितंबर को कलेक्ट्रेट मऊ पर UGC रोलबैक, EWS और आरक्षण सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन
मऊ। यूजीसी रोलबैक, ईडब्ल्यूएस एवं आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आगामी 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर, मऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों को लेकर बुधवार को एलआईसी भवन के बगल स्थित धार्मिक स्थल पर सवर्ण समाज के लोगों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गणमान्य लोगों ने आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया।
बैठक में करीब दो दर्जन वक्ताओं ने अपने विचार और सुझाव रखे। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय की गईं तथा प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 10 लोगों को प्रदर्शन में शामिल कराने का लक्ष्य दिया गया। इसके साथ ही दलित एवं वंचित समाज के बीच आरक्षण में क्रीमी लेयर के कथित दुष्प्रभाव और निचले तबके को होने वाली संभावित क्षति को लेकर माइक्रो लेवल पर जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मुरली मनोहर पांडेय, संतोष कुमार सिंह, रमन पांडेय, धनंजय सिंह (गोकुलपुरा), रवि खंडेलवाल, जितेंद्र सिंह (अध्यक्ष, करणी सेना), ब्रह्मानंद पांडेय, श्रीकिसुन फलाहारी बाबा, सुजीत सिंह (हिंदू जागरण समिति), डॉ. विद्या शंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, जेएन सिंह (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, डीसीएसके), एडवोकेट अतुल राय, राजेश सिंह राज (पूर्व शासकीय अधिवक्ता), जेपी सिंह (रिटायर्ड आर्मीमैन), सतीश सिंह, पंकज उपाध्याय (पूर्व छात्र नेता), देवेंद्र सिंह (मधुबन), राजीव सिंह राजू, चंदन पंडित, देवेंद्र सिंह (लोकदल), हंसु तिवारी, अमरनाथ मिश्रा (प्रतिनिधि, ब्राह्मण विकास परिषद) और केके पांडेय ने क्रमवार अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि प्रदर्शन को व्यापक स्वरूप देने के लिए गांव-गांव और क्षेत्रवार संपर्क अभियान चलाया जाएगा। बैठक में आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप देते हुए कार्यकर्ताओं को आवश्यक जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
बैठक की अध्यक्षता उमाशंकर उमर ने की, जबकि संचालन विजय प्रताप सिंह ने किया। संरक्षक श्रीकिसुन फलाहारी बाबा के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक का समापन उमाशंकर उमर के अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ हुआ।
प्रस्तावित कार्यक्रम
दिनांक: 11 सितंबर 2026, शुक्रवार
समय: सुबह 10 बजे
स्थान: धरना स्थल प्रांगण, कलेक्ट्रेट, मऊ
मुद्दे: यूजीसी रोलबैक, ईडब्ल्यूएस एवं समान आरक्षण व्यवस्था में सुधार तथा अन्य संबंधित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन।

